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जमीयत-उलेमा-ए-हिंद बनाएगी मुस्लिम युवकों को रक्षक, खुद देगी स्‍पेशल ट्रेनिंग

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 25 July 2018 10:22 AM GMT

जमीयत-उलेमा-ए-हिंद बनाएगी मुस्लिम युवकों को रक्षक, खुद देगी स्‍पेशल ट्रेनिंग
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सहारनपुर: अभी तक मुसलमानों की विभिन्न समस्याओं को उठाने और इस्लाम धर्म के मुद्दों को लेकर सुर्खियों में रहने वाली जमीयत उलेमा ए हिंद ने अब मुसलमान युवकों को रक्षक बनाने की ओर कदम बढ़ाया है। यह युवक न केवल अपनी रक्षा कर सकेंगे बल्कि वक्त पड़ने पर दूसरों की रक्षा के लिए भी सदैव तत्पर रहेंगे। इसके लिए जमीयत उलेमा ए हिंद ने एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसे जमीयत यूथ क्लब का नाम दिया गया। इस क्लब में युवाओं को शामिल कराकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।

अब तक 5 हजार युवक तैयार

देवबंद के फिरदौस गार्डन में आयोजित हुए 'जमीयत यूथ क्लब परिचय एवं प्रदर्शन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मौलाना महमूद मदनी कहा कि जमीयत यूथ क्लब का उद्देश्य नकारात्मक नहीं बल्कि रचनात्मक है। कहा हमारा उद्देश्य ऐसे लोगों को तैयार करना है जो लोगों के रक्षक और सच्चे सेवक बन सकें और जरूरत पडऩे पर खुद की रक्षा भी करने में सक्षम हों। मौलाना मदनी ने जमीयत यूथ क्लब का परिचय कराते हुए बताया कि हम पिछले पांच वर्षों से युवा में मानसिक व् शारीरक प्रशिक्षण पर काम कर रहे हैं, हमने पांच हजार छात्रों को प्रशिक्षण दिया है। इसके काम के लिए देश के मान्यता प्राप्त संस्थान भारत स्काउट एंड गाइड की मदद ली जा रही है। क्योंकि यह संस्था है मानव आधारित काम करती है और समन्वयक राष्ट्र विधि सीखलाती है, ताकि युवा शारीरिक और मानसिक रूप से समाज की बेहतर सेवा कर सकें। कहा कि जमीअत यूथ क्लब में स्कूल, कालज और मदरसे के बच्चे इसमें शामिल हो सकेंगे।

पहले थी पहलवान रखने की प्रथा

जमीयत उलेमा हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मंसुरपुरी ने कहा कि युवाओं का शारीरिक प्रशिक्षण बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमारे अकाबिर विशेषकर हजऱत मौलाना हुसैन अहमद मदनी अंत उम्र तक मगदर चलाते थे। उन्होंने बताया कि हमारे विद्यार्थी काल में दारुल उलूम देवबंद में एक पहलवान रखा जाता था जो बच्चों को शारीरिक व्यायाम करवाया करता था। मौलाना ने कहा कि वर्तमान समय में देश के भीतर कुछ संगठन खुलेआम आपतिजनक हथियारों का प्रदर्शन करते हैं, जिनका उद्देश्य दूसरों को डराना होता है। लेकिन जमीयत यूथ क्लब का उद्देश्य नकारात्मक नहीं रचनात्मक है। हमारे प्रशिक्षित युवा कानून के दायरे में रहते हुए अपने युवा शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। मास्टर हिदायतुल्लाह सिद्दीकी कहा कि भारत स्काउट एंड गाइड, जमिअत यूथ क्लब और जमिअत उलेमा हिंद मिलकर देश और राष्ट्र की सेवा करने का काम करेंगे। अध्यक्षता मौलाना हसीब सिद्दीकी व संचालन मौलाना हकीमउद्दीन क़ासमी और नौशाद अली सिद्दीकी ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान मौलाना अब्दुलाह पालनपूरी, मौलाना मोहम्मद याहया, मौलाना मोहम्मद आकिल, मौलान मेराजुद्दीन, मौलाना कलीमुल्लाह, मौलाना मुफ़्ती यामीन, हाफिज उबैदुल्लाह, मौलान मुहम्मद मदनी, मौलाना ज़हूर, ज़हीन अहमद, मौलाना इब्राहीम क़ासमी, उमेर उस्मानी, चौधरी सादिक़, मुफ़्ती ज़ाकिर समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन कारी उस्मान मंसूरपुरी की दुआ के साथ हुआ।

अलग छह महीनों में दस हजार युवा होंगे प्रशिक्षित

जमीयत उलेमा ए हिंद के बेनर तले आयोजित हुए जमीयत यूथ क्लब के परिचय एवं प्रदर्शन कार्यक्रम में देश के तीन राज्यों गुजरात, मेवात और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से चयनित सौ छात्रों ने विभिन्न हैरतअंगेज कला का प्रदर्शन किया। जिन्हें मौलाना महमूद मदनी ने अपने हाथों से प्रतीक चिन्ह व प्रमाणपत्र भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान मौलाना मदनी ने घोषणा की कि अगले छह महीनों में दस हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाएगा, जिनका एक सार्वजनिक प्रदर्शन फरवरी 2019 में जमीयत द्वारा आयोजित किया जाएगा।

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