प्रमुख सचिव नियुक्ति के खिलाफ वारंट के बाद है सवाल, यह पद मनहूस है?

लखनऊ : दो जेल जा चुके और एक जेल जाने की कगार पर खड़े प्रमुख सचिव नियुक्ति रहे अधिकारियों को लेकर अब ये सवाल उठ रहा है कि क्या यूपी में ये पद मनहूस है।

प्रमुख सचिव नियुक्ति रहे अधिकारियों के खिलाफ वारंट
-भारतीय प्रशासनिक सेवा की अवकाश प्राप्त अधिकारी नीरा यादव यूपी की चीफ सेक्रेटरी भी रही हैं। अभी जेल में हैं।
-प्रमुख सचिव रहे प्रदीप शुक्ला भी जेल में हैं।
-जबकि राजीव कुमार के खिलाफ वारंट जारी किया जा चुका है।
-ये तीनों अधिकारी प्रमुख सचिव नियुक्ति रहे हैं।

-नीरा यादव ने हाल ही में सीबीआई की अदालत में चल रहे मुकदमे में सरेंडर किया है।
-उन पर नोएडा विकास अथॉरिटी में रहते हुए गलत तरीके के जमीन के आवंटन का आरोप है।
-राजीव कुमार भी इसी तरह के मामले में फंसे हैं और उनके खिलाफ वारंट जारी किया जा चुका है।

-राजीव 1983 बैच के अधिकारी हैं।
-राजीव कुमार को हाल ही में नियुक्ति विभाग से हटा कर कम महत्वपूर्ण वाले विभाग में भेजा गया है।
-प्रदीप शुक्ला 1981 बैच के अधिकारी हैं और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) में हुए घोटाले को लेकर जेल में हैं।
-इस घोटाले की जांच भी सीबीआई कर रही है।