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नए साल में सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने को IT नियमों में हो सकता है संशोधन

पिछले कुछ वर्षों में देखने को मिला है कि देश में सोशल मीडिया का जमकर दुरुपयोग हो रहा है असामाजिक तत्वों ने इसे अपना हथियार बना दंगे भड़काने और तनाव पैदा करने का काम अंजाम दिया अब इसे रोकने के लिए सरकार आईटी नियमों में संशोधन की योजना बना रही है।

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RishiBy Rishi

Published on 26 Dec 2018 3:17 PM GMT

नए साल में सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने को IT नियमों में हो सकता है संशोधन
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नई दिल्ली : पिछले कुछ वर्षों में देखने को मिला है कि देश में सोशल मीडिया का जमकर दुरुपयोग हो रहा है असामाजिक तत्वों ने इसे अपना हथियार बना दंगे भड़काने और तनाव पैदा करने का काम अंजाम दिया अब इसे रोकने के लिए सरकार आईटी नियमों में संशोधन की योजना बना रही है।

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क्या होगा संशोधन में

सोशल मीडिया प्लेटफार्म और एप्स चलाने वाली कंपनी को ऐसे ‘व्यवस्था’ करनी होगी जिससे सुरक्षा एजेंसीज गैरकानूनी सामग्री की पहचान कर सके और उन्हें रोक सकें। मिली जानकारी के मुताबिक आईटी मिनिस्ट्री के अफसरों की पिछले सप्ताह गूगल, फेसबुक, व्हॉट्सएप, ट्विटर और अन्य कंपनियों के वरिष्ठ अफसरों के साथ मीटिंग हुई थी जिसमें बदलाव के प्रस्तावों पर विचार किया हुआ। व्हॉट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अफवाहें फैलने के बाद मॉब लिंचिंग में हुई मौतों के बाद सरकार सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के तरीकों पर विचार कर रही है। इसके साथ ही आगामी वर्ष में प्रस्तावित आम चुनाव से पहले फर्जी संदेशों के प्रसार को रोकने के ठोस उपाय होने हैं।

संशोधन के प्रभाव को लेकर चिंता जताए जाने के बाद सरकार ने कहा कि वह अभिव्यक्ति की आजादी तथा अपने नागरिकों की निजता को लेकर प्रतिबद्ध है, उसपर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।

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एप्स में लग सकते हैं आटोमेटेड टूल्स

प्रस्तावित संशोधन के मसौदे में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म को प्रौद्योगिकी आधारित आटोमेटेड उपकरण की व्यवस्था करनी होगी, जिसपर उचित नियंत्रण हो, जिससे अग्रसारी तरीके से गैरकानूनी सामग्री को रोका जा सके। एप्स को अपने प्रयोगकर्ताओं को बताना होगा कि वे किसी तरह की ईशनिंदा, अश्लील, अपमानजनक, नफरत फैलाने वाली या जातीय दृष्टि से आपत्तिजनक सामग्री की होस्टिंग, अपलोडिंग करने और साझा करने से बचें।

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क्या है तैयारी

आईटी मिनिस्ट्री संशोधन के मसौदे पर 15 जनवरी तक आम जनों से रायशुमारी होनी है इसके बाद अंतिम फैसला करेगा। इस बारे में मिनिस्ट्री ने गूगल, फेसबुक और व्हॉट्सएप को ई-मेल किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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