Good News: जल्द खत्म होगा कोरोना, एस्ट्रोलॉजर कृष्ण मुरारी मिश्र ने की भविष्यवाणी

बृहस्पति शुरुआत में बहुत तीक्षण और मारक होता है तो शनि शुरूआत में कमजोर ग्रह होता है जो 24 जनवरी 2020 में मकर में आ गया है।

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सोशल मीडिया से फोटो

लखनऊ कोरोना से कराहती दुनिया में हर किसी के पास बस एक ही सवाल है कि कोरोना से दुनिया को मुक्ति कैसे मिलेगी। हर कोई उस तारीख का इंतजार कर रहा जब सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा। मगर ये तारीख शायद किसी के पास नहीं। लेकिन भारत के ज्योतिष कोरोना को लेकर कुछ खास दावे कर रहे हैं।

किसी कहना है कि आने वाले कुछ महिनों में ग्रहों की स्थिति में बदलाव इस बीमारी से बहुत हद राहत मिलेगी तो कोई कह रहा है कि आने वाले समय में यह बीमारी ज़ड़ से खत्म होगी।

 अब होगा बदलाव

भारत में भी इसके बहुत से मामले सामने आए हैं, लेकिन लोगों के मन में एक ही सवाल है कि इस वायरस से कब  मुक्‍ति मिलेगी। ज्योतिष की नजर से जानिए कोरोना वायरस क्यों विश्वस्तर पर एक महामारी के रूप में फैलता जा रहा है।

ज्योतिष शास्त्रियों की गणना के मुताबिक बताया थी पिछले साल 2020 में 10 जनवरी को पूर्णमासी के दिन चीन के कुंडली के अनुसार चंद्रमा और राहु चतुर्थ भाग में आए हुए थे और पंच ग्रह की योग था यह योग चौथे और दसवें घर में होने के कारण चीन में रसायनिक लीकेज और उससे होने वाली बीमारी का सूचक बनता है।

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ज्योतिषर्विद पंडित कृष्णमुरारी मिश्र  के अनुसार

10 जनवरी और 12 नवंबर ऐसी तारीखें हैं जिनमें कोरोना वायरस के प्रकोफ के सामने आने का दावा किया जा रहा है।  कुछ और वजह से वायरस के असर में कमी आएगी। 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश से राहत ज्यादा बढ़ जाएगी। 4 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में जाने से कोरोना महामारी में रोकथाम शुरू हो जाएगी। 15 मई तक 50 प्रतिशत खत्म होने में सफलता मिलेगी। इस तरह देश के अन्य भागों से भी ज्योतिषियों ने कहा था जुलाई अगस्त तक कोरोनामुक्त होने की ओर अग्रसर होंगे।

 

देश में तेजी से फैले कोरोना वायरस से लोगों को जल्द ही राहत मिलेगी। ज्योतिषियों की मानें तो 14  जनवरी के सूर्य के राशि परिवर्तन से बहुत हद तक स्थितियां सुधरेंगी और कोरोना का अंत होना शुरू हो जाएगा।

ज्योतिषीय जानकारी

 

अभी तक तो सबने आशंका जताई है, लेकिन अब एस्ट्रोलॉजर पंडित कृष्णमुरारी मिश्र ने कोविड-19 को लेकर ज्योतिषीय जानकारी दी है। उनके अनुसार जब 24 नवंबर 2019 को बृहस्पति ग्रह धनु राशि में आया  तो महामारी की शुरुआत हुई । अभी बृहस्पति धनु राशि का नंबर 9 है जो दक्षिणायण का अंतिम राशि और मकर उतरायण का शुरूआती  राशि है। ज्योतिष में अंत को कभी अच्छा नहीं माना जाता है। इनके अनुसार कोरोना की शुरुआत चाइना से हुई जो भारत के पूर्व में है और धनु राशि का क्षेत्र भी पूर्व है तो ऐसे शुरूआत हुई महामारी की।

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कैसे पनपी बीमारी का अब होगा अंत

बृहस्पति शुरुआत में बहुत तीक्षण और मारक होता है तो शनि शुरूआत में कमजोर ग्रह होता है जो 24 जनवरी 2020 में मकर में आ गया है। बृहस्पति और धनु के योग से महामारी उत्पनन हुई अगर उस वक्त शनि मजबूत होता तो इसका प्रभाव कम पड़ता लेकिन शनि की शीतलता और कमजोर शुरुआत ने महामारी को जन्म दिया। लेकिन मार्च अप्रैल तक यह विकराल रुप में था।

 

 

ग्रहों की वजह से..

धीरे –धीरे ग्रहों की स्थिति और मंद गति की वजह से कोरोना का असर कम ज्यादा होता रहा है।जो सितंबर  तक चला, लेकिन 14 नवंबर के बाद से स्थिति में फिर परिवर्तन हुआ। हेमंत ऋतु की शुरुआत से  कोरोना असर धीरे धीरे कम होने लगा। गुरु के प्रभाव से कभी उंच औक कभी नीच की स्थिति बनी रही लेकिन हमेशा यही प्रभाव रहेगा ये जरूरी नही है।

 भय पर काबू पाकर पाएं विजय

ज्योतिषविद् कृष्ण मुरारी मिश्र के अनुसार, 14 जनवरी के बाद कोरोना का असर बहुत हद तक कम हो जाएगा। लेकिन गुरु की वजह से इसका भय व्याप्त रहेगा। क्योंकि गुरू जाते जाते अपना प्रभाव छोड़ जाते हैं।31जनवरी के बाद इससे राहत मिलना शुरू होगा।

इनके अनुसार हमें अपने भय पर काबू पाना चाहिए। इसलिए सबसे पहले हमें भय से लड़ने की जरूरत है।निर्भय होकर ही हम सावधानी होकर हम बीमारी से मुक्ति पा सकते है।एहतियात बरतने के साथ हमें अंदर व्याप्त डर से लड़ना होगा तभी हम बीमारी से लड़ कर जड़ से खत्म कर सकते हैं। अब ग्रहों की अनुकूल स्थिति हमें बीमारी से लड़ने की ताकत देगी। और कोरोना का धीरे-धीरे जड से सफाया हो जाएगा। वैक्सीन का आना इसका सुखद संकेत है।

 

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