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पांच बार की विजेता ने गेंद से छेड़छाड़ के तूफान का डटकर सामना किया और हाल में भारत और पाकिस्तान के खिलाफ उनकी सरजमीं पर मिली जीत उसके ‘कभी न हार मानने के जज्बे’ का सबूत है।

 कभी वो दुनिया के नं. 1 गोल्फर थे। जहाँ जाते लोग एक झलक पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते। उनको देख कईयों का सर गर्व से तन जाता था। सब कुछ अच्छा चल रहा था, उसके बाद आया ऐसा भूचाल जिसने सभी कुछ बर्बाद कर दिया।

उत्‍तर प्रदेश के खेल मंत्री चौहान ने रविवार को ‘भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘टीम में चौथे नम्‍बर के बल्‍लेबाज के चयन की समस्‍या अब भी बनी हुई है। यहीं पर टीम की कुछ कमजोरी है। यहां पर एक मजबूत खिलाड़ी होना चाहिये था। निजी तौर पर मैं समझता हूं कि इस स्‍थान पर बल्‍लेबाजी के लिये अजिंक्‍य रहाणे सबसे सही खिलाड़ी होते। रहाणे का इंग्‍लैंड में अच्‍छा प्रदर्शन रहा है मगर वह टीम में शामिल ही नहीं किये गये।’’

इस सम्मानित पैनल में चुने जाने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लक्ष्मी ने मीडिया से कहा, ‘‘आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में चुना जाना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है।

आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेले गये पिछले विश्व कप के बाद के आंकड़ों पर भी गौर करें तब भी रोहित और धवन विश्व भर की सलामी जोड़ियों के सामने अव्वल ही साबित होते हैं। भारतीय जोड़ी ने इन चार वर्षों में 60 मैचों में 2609 रन मिलकर बनाये जिसमें आठ शतकीय और सात अर्धशतकीय साझेदारियां शामिल हैं।

लैंगर ने स्वीकार किया कि दर्शकों पर नियंत्रण बनाना उनके हाथों में नहीं है लेकिन साथ ही उन्होंने प्रशंसकों से आग्रह किया कि वे यह बात समझे कि वार्नर और स्मिथ भी इंसान ही हैं और वे भी गलतियां कर सकते हैं।

एशियाई खेलों में भारत के लिए दो सिल्वर मेडल जीतने वाली स्टार धावक दुती चंद ने बड़ा खुलासा किया है। 100मीटर दौड़ में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर दुती चंद ने अपने जीवनसाथी के बार में बताया है। दुती ने कहा कि वह अपने शहर की ही एक महिला मित्र के साथ रिलेशनशिप में हैं।

जोकोविच ने अर्जेंटीना के डिएगो श्वार्ट्जमैन को दो घंटे 31 मिनट में 6-3 6-7 6-3 से शिकस्त दी और अब उनका सामना रविवार को गत चैम्पियन नडाल से होगा।

रोहित ही नहीं शीर्ष क्रम के अन्य दो बल्लेबाज कप्तान विराट कोहली और शिखर धवन भी बड़ी पारी खेलकर विश्व कप में एक पारी में सर्वोच्च स्कोर का भारतीय रिकार्ड अपने नाम पर करने के लिये कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

आस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टेस्ट श्रृंखला जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान कोहली ऐसी टीम की अगुवाई करेंगे जिसकी अपनी कुछ समस्यायें हैं लेकिन वह मैच का रूख बदलने वाली टीमों से जरा भी कम नहीं है जो बड़े टूर्नामेंट के लिये जरूरी चीज होती है।