कोरोना

वैज्ञानिकों को सभी प्रकार के कोरोनो वायरस के मामलों में सिर दर्द और गंध महसूस करने की शक्ति में कमी आने के लक्षण भी मिले हैं। कुल मिलाकर ये कहा गया है कि अगर बीमार होने के पांचवें दिन ये पता चल जाता है कि मरीज कोरोना वायरस बीमारी की किस कैटेगरी में है तो वक्त रहते उसका बेहतर केयर किया जा सकता है।

कुल मिलाकर कोरोना वायरस को लेकर अभी सब अंधेरे में हैं। इसका उपचार या वैक्सीन बनाने के लिए हमें लंबा सफर तय करना है। तब तक बचाव को सख्ती से और कैसे लागू करें इस पर विचार किये जाने की जरूरत है।

समस्या का हल ढूंढने के लिए उसकी जड़ तक पहुंचना पड़ता है, वो जहाँ से शुरू होती है, उसका हल वहीं कहीं उसके आस पास ही होता है। इसलिए कोरोना नामक प्रश्न जिसकी शुरुआत एक मानव निर्मित वायरस से हुई उसका उत्तर एक मानव निर्मित ह्यूमन फ्रेंडली वायरस ही हो सकता है।