कोरोनावायरस

विशेषज्ञों का भी यही कहना है कि कोविड-19 को लेकर 60 से 85 प्रतिशत आबादी में प्रतिरक्षा आने से ही हर्ड इम्यूनिटी बन पाएगी। हर्ड इम्युनिटी में डिप्थीरिया के मामलों में यह आंकड़ा 75 प्रतिशत, पोलियो में 80 से 85 प्रतिशत और मीजल्स में 95 प्रतिशत है। तो फिर क्या कोरोना में ऐसा हो पाएगा।