15 August 2019

देश के आजादी के 73 साल पूरे होने वाले हैं। 15 अगस्त 1947 को आजादी का वो सपना पूरा हुआ जिसका सपना सजाए ना जाने कितनों की आंखे बंद हो गईं

जिस गीत से अधिकतर लोग परिचित हैं वह गीत 1965 की हिंदी फिल्म ‘शहीद’ का गीत है जिसे गीतकार-संगीतकार प्रेम धवन ने लिखा था। फिल्म बनाने से पहले मनोज कुमार अपने पूरे दल को लेकर भगत सिंह के गांव में उनकी माँ को मिलने गये थे। इस फिल्म के गीत-संगीतकार प्रेम धवन भी इस दल के सदस्य के रूप में साथ गए थे।

200 साल से अंग्रेजों की गुलामी झेलने के बाद 15 अगस्त को भारत आजाद हुआ था, यह दिन देश के लिए बहुत खास है। भारत को आजाद कराने के लिए इस दिन लाखों लोगों ने अपने प्राण गवाये थे।

अंग्रेजों के खिलाफ महात्‍मा गांधी ने असहयोग आंदोलन के तहत 7 अगस्‍त 1905 को जिस खादी को आजादी हथियार बना विदेशी वस्‍तुओं के वहिष्‍कार का नारा दिया था, उसी खादी को बापू के आह्वान से करीब 50 वर्ष पहले नामधारी सिखों के गुरु सतगुरु राम सिंह ने हथियार बना गोरी हूकुमत पर प्रहार किया था।  कूका आंदोलन का जनक भी माना जाता है।

1929 में, जब कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में जवाहरलाल नेहरू ने पूर्ण स्वराज ’का आह्वान किया तब 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने के लिए चुना गया। असल में, कांग्रेस पार्टी ने इसे 1930 में मनाया, जब तक कि भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त नहीं की।