1984 anti Sikh Riot

दिल्ली के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिये गठित एसआईटी से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ के खिलाफ लगे आरोपों की नए सिरे से जांच के लिये कहा है।

बता दें कि सिख विरोधी दंगे के अन्य दोषी किशन खोखर और महेंद्र यादव ने पहले ही सरेंडर कर दिया था। इसके बाद जज अदिति गर्ग ने दोनों दोषियों को 10-10 साल के लिए तिहाड़ भेजने का आदेश दिया। वहीं, महेंद्र यादव की उम्र 68 वर्ष है। ऐसे में बुजुर्ग होने के कारण कोर्ट ने महेंद्र यादव को तिहाड़ में चश्मा व छड़ी ले जाने की इजाज़त दी है।

नई दिल्ली: साल 1984 में सिख दंगे हुए थे। इस दंगे से काफी परिवार प्रभावित हुए। ऐसे में अब 34 साल बाद पहली बार सिख दंगों से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। फैसले में कोर्ट ने दो लोगों को दोषी करार दिया है। दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर गांव में दो …

दिल्ली सरकार ने 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों का बकाया बिजली बिल माफ करने की घोषणा की है। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार (25 मई) को यह घोषणा की।

[nextpage title=”next” ] लखनऊ: 2001 में गुजरात के गुल्बर्ग सोसायटी में हुए नरसंहार केस के फैसले का हमें इंतजार है। उसकी तस्वीरें आज भी दिल दहला देती हैं, लेकिन अगर इतिहास पर नजर डालें तो कई बार ऐसे खौफनाक मंजर सामने आए हैं, जिन्हें याद करते ही उसकी तस्वीरें आंखों के सामने घूमने लगती हैं। उन घटनाओं …