1984 Riots

1984 दंगा मामले का दुखद पहलू यह है कि जब यह हत्याएं की जा रही थीं, तब पुलिस ने किसी को भी मौके से गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस ने कहा हम संख्या बल में बहुत कम थे। इस दंगे में सिख यात्रियों को ट्रेन से खींचकर मार दिया गया था।

दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की मुश्किलें आने वाले दिनों बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 1984 के दंगों की फाइलें दोबारा खोलने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

भाजपा के बढ़ते प्रहार का सामना कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में शामिल लोगों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी की ओवरसीज इकाई के प्रमुख सैम पित्रौदा को दंगों पर दिये गये बयान के लिए खरी खोटी सुनाई और कहा कि उन्हें अपने बयान पर शर्म आनी चाहिए और देश से माफी मांगनी चाहिए।

वर्ष 1984 के दंगों पर सैम पित्रौदा की टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा द्वारा लगातार कांग्रेस पर निशाना साधे जाने के बीच पार्टी प्रमुख राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि उन्हें (पित्रौदा) अपने आप पर शर्म आनी चाहिए और देश से माफी मांगनी चाहिए।