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प्रमुख दलों में, बीजेपी के 77 राज्यसभा सांसदों के लिए प्रति सांसद औसत संपत्ति 27.74 करोड़ रुपये है,  40 INC राज्यसभा सांसदों के पास औसत संपत्ति 38.96 करोड़ रुपये है, 13 AIT राज्यसभा सांसदों के पास औसत संपत्ति है रुपये 3.46 करोड़ और 9 AIADMK राज्यसभा सांसदों के पास औसतन रु. 12.40 करोड़।

मध्य प्रदेश इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के मध्य प्रदेश राज्य विधानसभा 2018 से मुख्यमंत्री सहित सभी 34 मंत्रियों के स्वघोषित-शपथ पत्रों के विश्लेषण यह बात उभर कर सामने आई है।

राजनीतिक दलों को प्राप्त चंदे के विवरण में नाम, पता, पैन, भुगतान का तरीका और प्रत्येक दान से प्राप्त दानराशि शामिल है जिन्होंने 20,000 रुपये से अधिक का दान दिया है घोषित करना होता है। क्षेत्रीय दलों ने हर साल अपने दान रिपोर्ट में पैन विवरण की जानकारी कुछ जगह अघोषित, अधूरी या गलत घोषित की है।

भारतीय जनता पार्टी ने जून 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक पैसा खर्च किया है। चुनाव सुधार से संबंधित शोध संस्था एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2019 में 1141.72 करोड़ रुपये खर्च किये है जो सभी राजनीतिक पार्टियों के कुल चुनाव खर्च का 44 प्रतिशत है।

हर वित्तीय वर्ष में राजनीतिक दलों को जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के तहत किसी भी सोर्स से 20,000 रुपये से अधिक के दान की घोषणा करना आवश्यक है। ऐसे में हर पार्टी के कोषाध्यक्ष को 20,000 रुपये से अधिक के चंदे पर जानकारी दी जाती है।

एडीआर ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में पुनः चुनाव लड़ने वाले विधायकों के स्वघोषित शपथ पत्र के आधार पर उनकी संपत्ति का तुलनात्मक विश्लेषण किया है। विश्लेषण का निष्कर्ष यह है कि पुनः चुनाव लड़ने वाले 55 विधायकों की औसत संपत्ति विधानसभा चुनाव 2015 में जहां 7.25 करोड़ थी वहीं विधानसभा चुनाव 2020 में यह बढ़कर 8.17 करोड़ हो गई है।

दिल्ली इलेक्शन वाच और एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में 70 विधानसभा क्षेत्रों में उतरे 672 प्रत्याशियों के स्वघोषित शपथ पत्रों का विश्लेषण किया है। इन 672 प्रत्याशियों में 210 नेशनल पार्टियों के हैं। 90 राज्य स्तरीय पार्टियों के हैं।

भारत में पिछले करीब एक साल से आर्थिक सुस्ती का दौर जारी है, जिसकी वजह से लोगों की आमदनी के साथ ही खर्च करने की क्षमता घट रही है। लेकिन इस दौरान एनसीपी को छोड़कर देश की 6 राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की आय में करीब 166 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

झारखंड इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स ने झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 30, भारतीय जनता पार्टी के 25, कांग्रेस के 16, झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक), आजसू के दो, निर्दलीय दो, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माले)(लिबरेशन), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एक, राष्ट्रीय जनता दल एक कुल 81 नवनिर्वाचित विधायकों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया।

नेशनल इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स ने इस सर्वेक्षण के लिए 4896 में से 4822 सांसदों और विधायकों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया। जिसमें पिछले 5 वर्षों (2014-2019) में भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदशों के 776 में से 759 सांसदों और 4120 में से 4063 विधायकों के शपथपत्र शामिल हैं।