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लोकसभा चुनाव 2019 के पहले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने चुनाव में मतदाताओं की प्राथमिकताएं जानने के लिए अब तक का सबसे बड़ा मतदाता सर्वेक्षण कराया। यह सर्वेक्षण, अक्टूबर 2018 और दिसंबर 2018 के बीच किया गया।

इसने 573 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों को कवर किया, जिसमें 2,73,487 मतदाता भाग ले रहे थे, जो विभिन्न जनसांख्यिकी के बीच फैले हुए थे। ये सर्वेक्षण उत्तर प्रदेश के सभी 80 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों भर में लगभग 40,000 उत्तरदाताओं को कवर किया।

करोड़पति उम्मीदवार: 184 उम्मीदवारों में से 131 (71%) करोड़पति हैं। 2014 अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में, 148 उम्मीदवारों में से 88 (60%) उम्मीदवार करोड़पति थे।

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड योजना 2018 पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। आपको बता दें, केंद्र ने पिछले साल जनवरी में इस योजना को अधिसूचित किया था।

बेहतर रोजगार के अवसर (2.39), और बेहतर अस्पतालों / प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (2.12) पीने के पानी के शहरी मतदाताओं की प्राथमिकताओं पर सरकार के प्रदर्शन (2.25 5 के पैमाने पर), औसत से कम के रूप में दर्जा दिया गया था।

नेशनल इलेक्शन वाच ने चुनाव से पहले अखिल भारतीय भारतीय सर्वे कराया है जिसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। मतदाताओं की शीर्ष 10 प्राथमिकताओं पर सरकार का प्रदर्शन औसत से कम सामने आया है। यह स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि सरकार के प्रदर्शन से मतदाता असंतुष्ट हैं।

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई), अपने में पत्र दिनांक 19 वें नवंबर '14 राष्ट्रपतियों/सभी राजनीतिक दलों के जनरल सचिव को संबोधित, ने कहा कि यह अनिवार्य कर दिया था दलों आयोग को उनके लेखा परीक्षा रिपोर्ट के विवरण प्रस्तुत करने के लिए।

नेशनल इलेक्शन वाच ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2018 में नेशनल इलेक्शन वाच ने चुनाव में वोटों के शेयर, मतों के अंतर और विजयी प्रत्याशियों को मिले मतों का अध्ययन किया है। एडीआर और तेलंगाना इलेक्शन वाच ने 119 विधानसभा सीटों के  लिए वोट शेयर का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट जारी कर दी है।

मध्यप्रदेश एलेक्शन वॉच (एमपीईडब्ल्यू) और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने दोबारा चुनाव लड़ रहे निवर्तमान विधायकों की संपत्ति पर चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार 2008 में इन विधायकों की कुल घोषित औसत संपत्ति जहां 1 करोड़ थी,  अब बढ़कर 5 करोड़ हो गई है।

नई दिल्ली : राजनीति में ईमानदारी पारदर्शी सार्वजनिक जीवन की पैरवी करने वाले राजनीतिक दलों को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। देश भर के लगभग 194 नेताओं ने चुनाव आयोग को पैन कार्ड की गलत जानकारी दी है। इनमें 6 पूर्व सीएम, 10 कैबिनेट मंत्री, 8 पूर्व मंत्री, 54 विधायक, 102 पूर्व विधायक, एक …