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अफगानिस्तान से धमाके की बड़ी खबर आ रही है। अफगानिस्तान के गजनी शहर में मंगलवार सुबह बड़ा भयानक धमाका हुआ। ये धमाका गजनी शहर की गजनी यूनिवर्सिटी में हुआ है। यूनिवर्सिटी में हुए इस हमले में 6-7 के ज्यादा छात्र घायल हो गए हैं। 

अफगानिस्तान में सेना ने 22 तालिबानी आतंकियों को ढेर दिया है और चार घायल हुए। सेना ने गजनी प्रांत में अभियान चलाया था जिसमें ये आतंकी मारे गए। अफगानिस्तानी राष्ट्रीय सेना के 203वीं टंडर बटालियन ने बताया कि सेना के अभियान में 22 आतंकियों को ढेर कर दिया गया।

अफगानिस्तान के जलालाबाद में बड़ा आतंकी हमला हुआ है। इस धमाके में 10 लोगों की मौत हो गई है जबकि 27 लोगों के घायल होने की खबर है। बताया जा रहा है कि आतंकियों के निशाने पर सेना की गाड़ी थी। विस्फोटक एक रिक्शे पर रख कर गंतव्य तक ले जाया गया।

मैं सोचता हूं कि अफगानिस्तान में जितनी अमेरिका की रुचि है, उससे ज्यादा भारत की होनी चाहिए, क्योंकि एक तो अफगानिस्तान भारत का पड़ोसी है, दूसरा भारत ने उसके पुनर्निर्माण में अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया है और तीसरा अफगानिस्तान शांत और स्थिर रहेगा तो भारत को मध्य एशिया के पांचों गणराज्यों के साथ उद्योग-व्यापार बढ़ाने में भारी सुविधा हो जाएगी।

अफगानिस्तान में कोई भी ऐसा मौका जिसमें बड़ी भीड़ शामिल होती है उसमें धमाके ना हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। अफगानिस्तान में राष्टपति चुनावों के लिए मतदान चल ही रहा था कि बम धमाके शुरू हो गए। इन बम धमाको में करीब 15 लोग घायल हो गए हैं।

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। अफगानिस्तान में वोटिंग के दौरान एक पोलिंग सेंटर पर ब्लास्ट हुआ, जिसमें 15 लोगों के घायल होने की खबर है। अफगानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव में अशरफ गनी और अब्दुल्ला-अब्दुल्ला के बीच मुख्य मुकाबला है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कबूल करते हुए कहा है कि 1980 के दशक में हमने मुजाहिदों को सोवियत के खिलाफ अफगानिस्तान में लड़ने की ट्रेनिंग दी। इनकी फंडिग अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA ने की।

अफगान सेना के अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में करीब 30 अन्‍य आतंकी घायल भी हुए हैं। साथ ही बताया गया कि इस हमले में छोटे हथियारों और रॉकेट प्रोपेल्‍ड ग्रेनेडों का इस्‍तेमाल किया गया।

काबुल में एक आत्मघाती आतंकी की हरकत से अफगानिस्तान में शांति बहाली उम्मीदों पर पानी फिर गया है। जैसे ही काबुल की एक भीड़ भरी सडक़ पर एक आत्मघाती आतंकी ने विस्फोटकों से भरी अपनी कार अमेरिकी सेना की एक एसयूवी से जा टकराई उसी समय शाङ्क्षत की उम्मीदें भी टुकड़े-टुकड़े हो गईं।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना की उपस्थिति घटाने के क्रम में 5 हजार से ज्यादा सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा की है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अब अफगानिस्तान में सिर्फ 8,600 सैनिक रखेगा। पिछले 18 साल से अफगानिस्तान में अमेरिका और तालिबान के बीच लड़ाई चल रही …