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इंटरपोल ने गुजरात पुलिस के अनुरोध पर बाबा नित्यानंद का पता लगाने में मदद करने के लिए ब्लू कार्नर नोटिस जारी किया है। यह नोटिस ऐसे व्यक्ति के लिए जारी किया जाता है जो अपराधी हो और जिसकी तलाश की जा रही हो।

अभी बीते दिनों ही हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर से दरिंदगी घटना से शहर उबरा भी नहीं था  कि महिला डॉक्टर से गैंगरेप के बाद उसकी हत्या और फिर शव को जलाने की संगीन वारदात सामने आई।इसके बाद देश भर में आक्रोश है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लोग सौंपने की मांग कर रहे थे

जिला कारागार में बंद श्रमजीवी एक्सप्रेस कांड के दोनों आतंकवादियों की पेशी के दौरान पुलवामा की घटना को लेकर नाराज अधिवक्ताओं ने आज न्यायालय में जम कर विरोध किया जिसके कारण सुनवाई नहीं हो सकी बतादे जौनपुर के जिला सेशन कोर्ट में पेशी थी।

पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों और हमले को लेकर गोरखपुर के लोग इस कदर नाराज है, कि अब वो सड़कों पर उतर गए है। और आज हिन्दू मुस्लिम सभी व्यापारी एक होकर दुकाने बंद कर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।

सबसे बड़ी अनुशासित पार्टी का दम्भ भरने वाली भाजपा का अनुशासन मौजूदा समय मे सोनभद्र में देखा जा सकता है । जब भाजपा के क्षेत्रीय सांसद ने अपने ही भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है । रॉबर्ट्सगंज से सांसद छोटेलाल खरवार ने उनसे गाली गलौच करने वाले 7 भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है ।FIR में तीन नामजद और 4 अज्ञात लोग शामिल है ।

सीजेएम ने पूर्व डिप्टी एस0पी0 शैलेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा वापस लेने की राज्य सरकार की अर्जी मंजूर कर ली है। शैलेंद्र सिंह के खिलाफ यह केस 2008 में हजरतगंज थाने पर आईपीसी की धाराअेंा 143,147,353,504 व 506 , पब्लिक प्रापर्टी डैमेज कंट्रोल एक्ट की धारा 2/3 तथा क्रिमिनल ला अमेंडमेंट एक्ट की धारा 7 के तहत दर्ज हुआ था जिसमें विवेचना के बाद अरोपपत्र दाखिल हुआ था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 35885 ग्राम पंचायत अधिकारियों की भर्ती में अनियमित्ता को लेकर दाखिल याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया है।याचिका में अन्य पिछड़ा वर्ग मेरिट घटा कर 5885अतिरिक्त अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में बुलाने की वैधता को चुनौती दी गयी थी।

जौनपुर के पूर्व सांसद उमा कान्त यादव की 2012 में हुई सात साल की सज़ा को बरकरार रखते हुए विशेष जज एमपी- एमएलए पवन कुमार तिवारी ने अपील खारिज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।

जिन बिल्डरों ने आवंटियों को मकानों पर कब्जा दे दिया। लेकिन अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई उनके खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी हो चुकी है। जिला अधिकारी ने निबंधन विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे बिल्डर जिनके द्वारा निबंधन कराए बिना आवंटियों को फ्लैटों का कब्जा सौंप दिया गया है। उनके खिलाफ सघन जांच अभियान चलाकर प्राथमिकी दर्ज की जाए। लिहाजा निबंधन विभाग द्वारा नए सिरे से एक सर्वे किया जाएगा।