air india

एयरलाइन में हड़कंप मच गया। कोरोना संक्रमण होने की आशंका को देखते हुए एयरलाइंस ने बड़ी संख्या में अपने पायलटों और केबिन क्रू की कोविड जांच करवाई।

एयर इंडिया से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन (आईसीपीए) ने कहा कि यदि दिल्ली हवाई अड्डे पर स्वास्थ्यकर्मियों की तरफ से चेकिंग के नाम पर पायलटों के साथ बुरा व्यवहार करने का सिलसिला नहीं थमता है तो इमरजेंसी सेवा को छोड़कर अन्य उड़ानों का परिचालन नहीं करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एअर इंडिया (Air India) में 10 दिनों बाद मिडिल सीटों के लिए बुकिंग नहीं की जाएगी। दरअसल, हवाई यात्रा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका की सुनवाई करते हुए SC ने आज अहम फैसला सुनाया है।

तमाम कोशिशों के बाद भी देश में तेजी से संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। रोज हजारों की तादाद में नए मामले सामने आ रहे हैं। अब इस बीच खबर है कि एयर इंडिया के 5 पायलट भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को बताया कि विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए सात मई से 13 मई तक 64 विमानों का परिचालन किया जाएगा। 14 हजार 800 भारतीयों को वापस लाया जाएगा।

नागर विमानन मंत्रालय ने रिफंड को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है। रिफंड केवल उन्हीं टिकटों पर होगा, जिन्हें 25 मार्च से 14 अप्रैल के बीच में बुक किया गया होगा

लॉकडाउन के कारण भारत में फंसे विदेशियों को उनेक देश वापस भेजने की जिम्मेदारी एयर इंडिया ने उठा ली है, इसके बाद एयर इंडिया की काफी प्रशंसा हुई लेकिन इसके साथ अब इस कदम की आलोचना होने के साथ ही सरकार के सवाल पूछा गया है। दरअसल फ्लाइट के चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा का हवाला देते हुए सवाल खड़े गए हैं।

कोरोना वायरस के कारण देशभर में लागू लॉकडाउन के चलते यूरोपीय देशों के कई नागरिक भारत में फंस गए हैं। एयर इंडिया इन्हीं लोगों के साथ कुछ राहत सामग्री....

कोरोना वायरस ने दुनियाभर में तांडव मचा हुआ है। चीन के बाद ये जानलेवा वायरस यूरोप के देशों में तबाही मचा रहा है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए भारत सरकार ने 21 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन किया है।