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हाल ही में बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे और जेवर एयरपोर्ट माडल उनकी ही सरकार के कार्यकाल मेें तैयार हुआ था। उन्होंने कहा कि पहले सपा और अब भाजपा सरकार नाहक अपनी पीठ थपथपाने का काम कर रही है।

उत्‍तर प्रदेश की बहुजन समाज पार्टी की सरकार में मायावती को कानून-व्‍यवस्‍था में सुधार का श्रेय मिलने लगा था उसी दौर में बांदा के नरेनी से बसपा विधायक पुरुषोत्‍तम दिवेदी पर नाबालिग शीलू के साथ सामूहिक दुराचार का आरोप लगा।

पिछली समाजवादी पार्टी की सरकार में हुए सहकारिता घोटाले का मामला जल्द ही खुल सकता है। इस विभाग में जांच में हुई भर्तियों में अनिमिताएं हुई थी।

अभी यूपी में योगी सरकार को 6 महीने हुए हैं। जिस तरह से वह प्रदेश के लिए नित नए कदम उठा रहे हैं, उससे भविष्य में ठोस परिणाम आएंगे।

डिंपल ने कहा कि अखिलेश सरकार ने राज्य में 'लवर्स पार्क' बनवाए हैं, लेकिन अगर अगली सरकार बीजेपी की बनी तो बीजेपी वाले युवा प्रेमियों के प्यार पर पहरा लगा देंगे। डिंपल ने युवाओं को सावधान किया कि वो बीजेपी के बहकावे में न आएं।

मौलाना जवाद ने कहा कि हमने फैसला किया था कि जो भी दल सपा-कांग्रेस गठबंधन को हराने की हालत में होगा, हम उसे समर्थन देंगे। बसपा प्रमुख ने एक मुलाकात में उन्हें इंसाफ करने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद हमने बसपा को समर्थन देने का फैसला किया।

प्रदेश के पशुधन विकास मंत्री जियाउद्दीन पर मतदाताओं को आर्थिक मदद देकर लुभाने का आरोप है। उन्होंने सिकन्दरपुर विधानसभा क्षेत्र में अग्निपीड़ित परिवारों को 2-2 हजार रूपये की आर्थिक मदद दी थी।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम स जब अखिलेश सरकार में ज़मीनों पर कब्जे को लेकर सवाल पूछे गये, तो वह भड़क गये। राजा भइया से प्रेम और अंसारी बंधुओं से परहेज़ जैसे तीखे सवालों पर नरेश उत्तम अपनी नाराजगी नहीं छिपा सके।

यूपी में चुनाव आने वाले हैं। आचार संहिता कभी भी लग सकती है। ऐसे में प्रदेश सरकार आम जनता को खुश करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ रही है। कुछ दिन पहले भले ही अखिलेश सरकार ने नोएडा को करीब छह हजार करोड़ रुपए का तोहफा दिए है। जिसे नोएडा के लोग जिंदगीभर याद रखेंगें। जी हां, अखिलेश की कैबिनेट की ओर से यूपी में प्रोजेक्ट सेटलमेंट पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। अब नोएडा ही नहीं पूरे यूपी में खरीददार को परेशान होने की जरूरत नहीं होगी। खरीददारों को अपने आशियाने के लिए लंबा इंतजार करना होगा। आइये आपको बताते हैं प्रोजेक्ट सेटलमेंट पॉलिसी से आम खरीददारों को क्या फायदा होने जा रहा है।

अखिलेश सरकार ने चुनावों की तारीखें अपने मनमाफिक आधार पर तय करवाने के प्रत्यक्ष दबाव के तहत हड़बड़ी में 16 फरवरी 2017 से दसवीं व बारहवीं की परिक्षाओं का कार्यक्रम घोषित कर दिया था। चुनाव आयोग ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए बोर्ड परीक्षाएं निरस्त कर दीं।