allahabad hc

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आज राममंदिर के भूमिपूजन का रास्ता साफ़ कर दिया है। राम मंदिर के भूमि पूजन के खिलाफ याचिका दायर की गयी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

कानपुर गोलीकांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर अब योगी सरकार को बड़ी राहत मिली हैं। दरअसल, विकास दुबे के एनकाउंटर पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका को खारिज कर दिया गया।

गौतम बुद्ध नगर में सीमेंट फैक्ट्री के लिए अधिग्रहित भूमि का अधिग्रहण के लिए किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी जिसे कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है।

आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आज़म का निर्वाचन इलाहबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। इलाहबाद हाईकोर्ट ने रामपुर की स्वार सीट से विधायक अब्दुल्ला आज़म का निर्वाचन रद्द किया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि चुनाव आचार संहिता में ऐसा कोई उपबंध नहीं है जिससे शिक्षण संस्थानों में अध्यापकों की नियुक्ति/कार्यभार ग्रहण करने पर रोक हो।

इसे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार को इस मामले में 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि बिना सुनवाई का मौका दिये सस्ते गल्ले की दुकान का लाइसेंस निरस्त करना सही नहीं है। कोर्ट ने याची को एक माह में कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि सरकार के फैसले से किसी कानूनी या संवैधानिक उपबन्धों का उल्लंघन नहीं हुआ है। यह सरकार का प्रशासनिक व नीतिगत निर्णय है। इसमें हस्तक्षेप का कोई आधार मौजूद नहीं है। कोर्ट ने गंगा यमुना संगम व प्रयाग की पौराणिक संस्कृति का हवाला भी दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसपी क्राइम ब्रांच प्रयागराज को मोबाइल फोन हैकिंग की शिकायत पर बिना देरी किये उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि लोगों के निजता के अधिकार व व्यैक्तिक स्वतंत्रता के अधिकारों का संरक्षण कर कानून व्यवस्था कायम रखने के कदम उठाये जाए।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उ.प्र. बेसिक शिक्षा बोर्ड के सचिव को निर्देश दिया है कि सच्चिदानन्द पाठक की जूनियर हाई स्कूल में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति पर दो माह में नियमानुसार निर्णय लेकर याची को सूचित करें। कोर्ट ने याची पाठक को भी कहा है कि आदेश की प्रति के साथ दो हफ्ते में प्रत्यावेदन सचिव को दे और वह आदेश पाने के दो माह के भीतर निर्णय से अवगत कराएं।