allahabad highcourt news

कोर्ट ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को निर्देश दिया है कि गलत तरीके से अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाकर नियुक्तियां देने के दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करायी जाय। कोर्ट के सामने अब तक 49 अभ्यर्थियों के मामले आए हैं।

अजय कुमार यादव और दो अन्य की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने दिया है। याचीगण का कहना है कि वह परीक्षा के सभी चरणों में सफल रहे।

याचिका पर अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह ने बहस की। मालूम हो कि वेद प्रकाश अग्रवाल याची के मकान में किराएदार थे जिनकी मृत्यु के बाद प्रेमलता अग्रवाल व अन्य किराए के मकान में बतौर वारिस रहते रहे। मकान मालिक ने यह कहते हुए मकान खाली करने की नोटिस दी कि किराएदार के पास शहर में 5 मकान है।

आयोग ने 60 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती का निकाला, जिसमें से 30 पद सामान्य वर्ग, 10 पद अन्य पिछड़ा वर्ग, 13 पद अनुसूचित जाति एवं एक पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित  किया गया। इसके बाद एक संशोधन द्वारा सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के पदों की संख्या 30 से घटाकर दस कर दी गई और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 30 पद अनुसूचित जाति के लिए 20 पद कर दिए गए।

हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षा सत्र बदलने और नए सत्र में पढ़ाने के कारण अध्यापकों को पूरे सत्र तक सेवा देने का अधिकार है। इसके बाद सरकार ने अक्टूबर माह में पुनः ज्वाइन कराया किन्तु जुलाई से सितम्बर माह तक का वेतन नहीं दिया। बकाया वेतन की मांग में याचिका दायर की गई थी।

इस मामले को पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ को स्थानांतरित किया गया है जो इस मामले की जांच स्वतः कर रहे है। वह इस मामले में पहले नोडल अधिकारी के रूप में महानिरीक्षक, साइबर अपराध नियुक्त किये गए थे। याचिकाकर्ता की तरह से चार्ली प्रकाश ने बहस की ।

कोर्ट ने कहा है कि जब तक सरकार पदों का सृजन व यूजीसी मानकों के अनुसार वेतन निर्धारण नहीं कर लेती तब तक विश्वविद्यालय की परिनियमावली के तहत भर्ती जारी रखी जाय। अभी तक हाई स्कूल व इंटर कालेज (अध्यापक कर्मचारी वेतन भुगतान) कानून 1971 के तहत वेतन दिया जा रहा है। जिसे यूजीसी के मानकों के अनुसार निर्धारित किया जाना है।

बुंदेलखंड क्षेत्र में एक लाख जानवर सड़कों पर है।  जिनकी वजह से वाहन दुर्घटनाएं हो रही है। छुट्टा जानवरों की व्यवस्था न होने से किसानों की फसलें नष्ट हो रही है। किसान दलहनी फसल नहीं उगा पा रहे है। सरकारी वकील ने भी इसे प्रदेश व्यापी समस्या स्वीकार किया और कहा कि सरकार उचित कदम उठा रही है।

याचिका पर अधिवक्ता ने बहस की और कहा कि 20 जुलाई 18 को चयन परिणाम घोषित हुआ। जिसे देखने के बाद याची को पता चला उसे अधिक अंक मिलने चाहिए थे।उसने फरवरी 19 में आरटीआई एक्ट के तहत अर्जी दी और ओएमआर सीट मांगी। कई अभ्यर्थियों को हाई कोर्ट के आदेश पर शीट दी गयी है। जिस पर यह याचिका दाखिल की गयी थी।

कौशाम्बी के प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर बजहा, इमामगंज की सहायक अध्यापिका नीलू चौहान ने बार काउंसिल से व्यवसायिक कदाचार की शिकायत की थी। नीलू का आरोप है कि जमील ने उनसे तलाक के केस दायर करने के लिए 22 हजार रूपये लिए किन्तु मुकदमा दाखिल नहीं किया।