allahabad university

दिलचस्प यह है कि जिन राजनेताओें ने ग्लोबल ब्रांड वाले इस विश्वविद्यालय का नाम बदलने का सुझाव मानव संसाधन विकास मंत्रालय को दिया था, उनके पास किसी नये नाम का विकल्प था ही नहीं। हालाँकि इलाहाबाद से देश के तमाम नामचीन लोगों का रिश्ता रहा है।

केंद्र के खाते में चले जाने के बाद से प्रयागराज में एक राज्य विश्वविद्यालय की माँग चल रही थी। अखिलेश यादव की सरकार आई तो उन्होंने वहाँ एक राज्य विश्वविद्यालय बनाया। पूर्व संघ प्रमुख रज्जू भइया के नाम पर इसका नामकरण किया गया है। डॉ. मुरली मनोहर जोशी एवं रज्जू भइया इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र और अध्यापक दोनों रहे है।

प्रोफेसर शाहिद को महामारी एक्ट के तहत गिरफ्तार करके पहले ही जेल भेजा जा चुका है। वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अब प्रोफेसर शाहिद के खिलाफ मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है।

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के कुलपति रतनलाल हांगलू ने भले ही छात्रों के हंगामे के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन ये कोई पहला मामला नहीं है, जब उनका नाम सुर्खियों में आया हो। इसके पहले भी उनपर कई गंभीर आरोप लग चुके हैं।

इन दिनों इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बुधवार को यूनिवर्सिटी के कुलपति रतनलाल हांगलू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं उनके साथ ही कई प्रोफेसरों और विश्वविद्यालय कार्यालय से संबंधित अधिकारियों ने भी अपना इस्तीफा दिया है।

ऋचा सिंह ने यह भी शिकायत की थी कि विश्वविद्यालय के महिला हॉस्टल में कई वर्षों से निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार के लोग शाम छह बजे के बाद भी हॉस्टल आते-जाते हैं और अश्लील हरकत करते हैं।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि ‘हत्या प्रदेश‘ में पुलिस जनता के लिए सुरक्षा नहीं, हत्या का पर्याय बनकर रह गई है। उन्होंने कहा है कि भाजपा राज में यह राजनीति का स्याह पक्ष है जो न सिर्फ अनैतिक है बल्कि जनता के साथ भी धोखा है। भाजपा लोकतंत्र का मखौल

सभा के अन्त मे शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष राम किशोर शास्त्री ने समाज के सभी वर्गो का आह्वान करते हुए कहा की आज ये विश्वविद्यालय रोज नये काले अध्याय लिख रहा है और हम सभी को साथ आकर इस विश्वविद्यालय को इसके काले दिनों से बाहर लाना है।

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 133वें स्थापना दिवस पर आज ऐतिहासिक रूप से दो कार्यक्रम हुए पहला कार्यक्रम रॉयल गार्डेन में इलाहाबाद विश्वविद्यालय संयुक्त संघर्ष समिति और पुराछात्रों द्वारा आयोजित किया गया। जिसमें विश्व विद्यालय के वर्तमान हालात के प्रति तीखे आक्रोश का इजहार किया गया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज शहर में अपराध नियंत्रण के उठाये गये कदमों की रिपोर्ट के साथ जिलाधिकारी से हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव से भी छात्रावासों के रखरखाव, शैक्षिक व अन्य गतिविधयों पर हलफनामा दाखिल करने को कहा है। याचिका की सुनवाई 16 अगस्त को होगी।