amit shah

जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित राज्य बनाने और अनुच्छेद 370 हटाने के लिए उनकी खूब आलोचना हुई लेकिन देश का बड़ा वर्ग उनके साथ खड़ा रहा क्योंकि वह मान रहा था कि अमित शाह का फैसला भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए है।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अमित शाह को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिसके बाद उन्होंने गृह मंत्री के तौर पर कई अहम फैसले किए हैं।

2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव के अलावा कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने का श्रेय शाह को दिया जाता है। बीजेपी ने अपने चुनावी इतिहास का स्वर्णिम काल अमित शाह के अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान ही देखा है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अभी हाल में हरियाणा में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर मौजूदा समय में हम सत्ता में होते तो 15 मिनट से भी कम समय में चीन को बाहर फेंक देते।

केंद्रीय गृह मंत्री ने एक साक्षात्कार में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश में मजबूत सरकार काम कर रही है और हमारी सेना देश की संप्रभुता और सीमा की सुरक्षा में पूरी तरह सक्षम है।

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। उन्होंने ट्वीट के जरिए सभी से अपील करते हुए कहा कि जो भी लोग कुछ दिनों से उनके संपर्क में थे वे कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन करें।

भाजपा सत्ताधरी जनता दल यू के साथ चुनाव मैदान में है। वही आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने नए फ्रंट का ऐलान किया है, जिसमें बसपा, समाजवादी जनता दल लोकतांत्रिक सहित 6 पार्टियां शामिल हैं।

हाल ही में उत्तर प्रदेश के हाथरस में लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मामला गर्म हो गया हैं।

उनके बेटे चिराग पासवान ने बताया कि कोरोना संक्रमण के काल में लोगों को खाद्यान्न आदि पहुंचाए जाने की व्यवस्था की मानिटरिंग को प्राथमिकता देने के कारण राम विलास पासवान रूटीन मेडिकल चेक-अप नहीं करा सके।