amphons and corona

सब कुछ उसी दैवी सत्ता या प्रकृति या सृष्टि के नियमों पर छोड़कर समय की प्रतीक्षा करने के अलावा कुछ नहीं बचता। हम प्रकृति का और प्रकृति को संचालित करने वाली शक्तियों का धन्यवाद एवं आभार प्रकट करते हैं और प्रकट करना चाहिये, यही मानवीय वृत्ति है।