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देश के दक्षिणी राज्यों के समुद्री इलाकों में निवार तूफान ने तबाही मचाई हुई थी। इस तूफान में लगभग 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इसके साथ ही इलाके के कई मकान और पेड़ टूट गए। भीषण तूफान की वजह से बिजली की लाइनें भी अस्त-त्रस्त होकर टूट गई।

तेज हवाओं के बावजूद, महिलाएं और  बच्चे समुद्र किनारे सोने की तलाश में मलबों को टटोलते नजर आए। मोती ढूंढने का यह काम सुबह 6 बजे शुरू हुआ और शाम तक चला।

इसके अलावा महादेव की नगरी काशी की साफ-सफाई, आंध्र प्रदेश सरकार को इतनी भायी कि मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी अपने प्रदेश में भी काशी की स्वच्छता प्रणाली को लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।

ये तूफ़ान भयंकर कहर दिखा रहा है जिस वजह से तमिलनाडु में छुट्टी का ऐलान किया गया है। वहीं इसी को देखते हुए तमिलनाडु के अलावा आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में NDRF के लग-भग 1200 राहतकर्मियों को तैनात किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में भी प्रमुख विभागों को तटीय एवं रायलसीमा क्षेत्रों के अधिकांश जिलों में अगले तीन दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

चक्रवाती तूफान "निवार" मंगलवार से बृहस्पतिवार के बीच आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों में आ सकता है। एनडीआरएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तैयारियों के बारे में बताते हुए कहा कि 12 दलों की पहले तैनाती की गई है।

डॉक्टर ब्रेन में होने वाली गतिविधि को कंप्यूटर के जरिए मॉनिटर करते रहे। जब डॉक्टरों की टीम मरीज के  सिर से ट्यूमर को हटाने की प्रक्रिया कर रहे थे उस दौरान वह अपने पसंदीदा शो और फिल्म का लुत्फ़ उठा रहा था।

गृहमंत्री मेकतोटी सुचरिता ने जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अच्छे आचरण वाली महिला कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने ये फैसला मानवीय आधार पर लिया है।

कोरोना संक्रमण से जब पूरी दुनिया जूझ रही है और अभी तक इस पर काबू नहीं पाया जा सका है ऐसे में स्कूलों को खोले जाने को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

2 नवंबर यानी आज से कक्षा 9 से 12 वीं के छात्रों की नियमित कक्षायें चलाने के लिए स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया था।