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भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे के पीओके वाले बयान का केंद्र सरकार ने समर्थन किया है। बड़ा बयान देते हुए रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पर गौर करेगी।

नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे ने कहा कि अगर संसद चाहे तो पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) पर भी कार्रवाई करेंगे। सेना प्रमुख ने कहा, ‘यह एक संसदीय संकल्प है कि संपूर्ण कश्मीर भारत का हिस्सा है। अगर संसद ने कहा कि वो क्षेत्र (पीओके) भी हमारा होना चाहिए और …

देश की आजादी के बाद दूसरी बार ऐसा दुर्लभ संयोग बना है जब तीन गहरे दोस्त तीनों सेनाओं के मुखिया हुए हैं। इसके पहले यह संयोग 1991 में बना था। अब जब यह ऐलान हो चुका है कि लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे अगले आर्मी चीफ होंगे तो फिर यह दुर्लभ संयोग बन गया है।

लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने मंगलवार को सेना प्रमुख का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। मनोज मुकुंद नरवाने ने जनरल बिपिन रावत से कार्यभार ग्रहण किया है। बता दें कि जनरल बिपिन रावत सेना प्रमुख के पद से आज रिटायर हो चुके हैं।

तीन साल के कार्यकाल के बाद जनरल बिपिन रावत आज सेना प्रमुख के पद से रिटायर हो गए हैं। बिपिन रावत ने आज अपने कार्यकाल के आखिरी दिन दिल्ली में वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

देश की आजादी के बाद दूसरी बार ऐसा दुर्लभ संयोग बना है जब तीन गहरे दोस्त तीनों सेनाओं के मुखिया होंगे। इसके पहले यह संयोग 1991 में बना था। अब जब यह ऐलान हो चुका है कि लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे अगले आर्मी चीफ होंगे तो फिर यह दुर्लभ संयोग बन गया है।

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि जनरल कमर जावेद बाजवा 6 महीने और पाकिस्तान के सेना प्रमुख बने रहेंगे। पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने आज गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद इमरान सरकार को आदेश दिया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख को 6 महीने का सेवा विस्तार दिया गया है ।

गौरतलब है कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा, आर्टिकल 370 को हटाये लगभग दो महिने का वक्त हो गया है, लेकिन जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की चाहत कम नहीं हो रही है, प्रतिदिन सीमापार से नई नई चाल चली जा रही है, लेकिन भारतीय सेना की मुस्तैदी से दुश्मन देश की सभी साजिश नाकाम हो रही है।

भारतीय सेना पाकिस्तान की हरकतों को देखते हुए पाकिस्तान बॉर्डर पर इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप तैनात करने करने को पूरी तरह तैयार है। इस साल के अंत तक भारतीय सेना 3,323 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव के बीच अपने पहले एकीकृत बैटल ग्रुप को तैनात करने के लिए तैयार है।