army chief bipin rawat

लगता है अब चीन पर हमला तय है। चूँकि बातचीत से अभी तक कोई हल नहीं निकल सका है सो ऐसे में भारत ने सैन्य विकल्प की पूरी तैयारी कर ली है। चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ बिपिन रावत ने भी स्पष्ट किया है कि चीन अगर बातचीत से नहीं मानता है तो हमारे पास सैन्य विकल्प भी मौजूद है।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले लोगों की आलोचना की थी, जिसपर राजनीतिक बवाल हो गया। उन्होंने कहा था कि छात्रों और अन्य लोगों की भीड़ का नेतृत्व करते हुए हिंसा फैलाना लीडरशिप नहीं है।

अभी थल सेना, नौ सेना और वायु सेना अपने अपने स्वतंत्र कमांड के अधीन काम करता है। हालांकि इनको एकीकृत किए जाने पर ज़ोर दिया जाता रहा लेकिन हर सेना अपनी योजना और अभ्यास के लिए अपने अपने मुख्यालयों के अधीन काम करती है।

एनआरसी और सीएबी को लेकर जारी विरोध और देश के कई विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन पर भी आर्मी चीफ बिपिन रावत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने किसी यूनिवर्सिटी का नाम लिए बिना कहा, 'नेतृत्व क्षमता वह नहीं है जो लोगों को गलत दिशा में लेकर जाती हो।

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने मंगलवार को स्वदेशी तकनीक को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि भारत अगला युद्ध देश में ही विकसित हथियारों के साथ लड़ेगा और जीतेगा।

दुनिया इस समय घातक हथियारों के प्रसार और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के बजाय ताकत पर जोर देने जैसी अन्य चुनौतियों का सामना कर रही है। पश्चिम एशिया में अस्थिरता से अधिकतर देशों की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित होगी।

करगिल विजय दिवस के मौके पर इंदिरा गांधी स्टेडियम में शनिवार को भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कैबिनेट मंत्री और सेना प्रमुख मौजूद रहे। कार्यक्रम में कुछ ऐसे पल आए जब वहां बैठे सभी लोग भावुक हो गए और आंखों से आंसू निकल पड़े।

नई दिल्ली : आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने चंडीगढ़ से 250 किमी. दूर मामुन कैंटोनमेंट में एक समारोह के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर कहा,पंजाब में ज्यादा खतरा नहीं है, लेकिन हमें इस संबंध में सजग रहने की जरूरत है। बेहतर है कि हम पहले ही सावधान रहे। ये भी देखें :ये कैसा विकास: …

श्रीनगर : रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को जम्मू एवं कश्मीर के सीमावर्ती जिले में स्थित अग्रिम चौकियों का दौरा किया और सीमांत इलाके में तैनात सैनिकों से बातचीत की। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने एक बयान में कहा कि उनके साथ सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी थे, जिनकी अगवानी लेफ्टिनेंट जनरल …