Artical 370

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के सदस्यों के बीच कश्मीर मुद्दे पर शुक्रवार को अनौपचारिक बैठक हुई। यह बैठक बंद दरवाजे में हुई। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी दूत अकबरुद्दीन ने कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना भारत का आंतरिक मामला है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है। पड़ोसी देश ने जंग से लेकर कड़ी कार्रवाई तक की गीदड़भभकी दे चुका है। हाल के दिनों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तिलमिलाहट साफ नजर आ रही है।

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से कांग्रेस नेता राहुल गांधी विपक्षी नेताओं के साथ घाटी का दौरा करने की इजाजत मांगी थी। कांग्रेस नेता की इस मांग को राज्यपाल ने खारिज कर दिया ।

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद से कांग्रेस समेत देश की पार्टियां विरोध कर रही हैं। कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि घाटी में हालात सामान्य नहीं है। राहुल गांधी ने कहा था कि सरकार के दावे के विपरीत वहां अशांति का माहौल है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहां लगी पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इंकार कर दिया। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राज्य में स्थिति संवेदनशील है और सरकार पर भरोसा किया जाना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। प्रदेश के पुनर्गठन को लेकर पाकिस्तान पूरी दुनिया में घूम-घूम कर मदद की गुहार लगाई और इसे इंटरनेशनल फोरम पर उठाने की कोशिश की, लेकिन दुनिया के देशों ने उसके कोई भाव नहीं दिया।

जम्मू-कश्मीर पर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान पूरी दुनिया में मदद की गुहार लगा रहा है, लेकिन उसे हर जगह से मुंह की खानी पड़ी है। अब पाकिस्तान के सदाबहार दोस्त चीन ने भी उसका साथ इंकार कर दिया है। इसके बाद बौखलाए पाकिस्तान ने युद्ध छेड़ने की गीदड़भभकी दी है।

जम्मू-कश्मीर मामले को लेकर भारत और पाकिस्तान में तनाव जारी है। इस बीच चीन ने शांति की अपील की है। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात हुई। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि कोई भी द्विपक्षीय मतभेद विवाद का कारण नहीं बनना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर से 370 हटाए जाने के बाद से ही कुछ लोग घाटी में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। अब इन लोगों के खिलाफ गृह मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई की है। मंत्रालय ने गिलानी समेत कई लोगों के ट्विटर अकाउंट बंद करने की सिफारिश की है।

अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद कश्मीर के लोगों में भले ही प्रतिक्रियाएं इमरान खान की अपेक्षा के अनुरूप न हुई हों। लेकिन वह भी अपनी आर्थिक तंगी के इस दौर में कश्मीर को लेकर जो प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं, यह भी अपेक्षा के अनुकूल नहीं है।