arvind kejriwal

कोविड-19 टीकाकरण के दूसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक, 52 वर्ष के अरविंद केजरीवाल डायबिटीज के मरीज है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अंग्रेजों ने हमारे किसानों पर इतने जुल्म नहीं किए थे, भाजपा ने तो अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया। अब ये हमारे किसानों पर झूठे मुकदमे कर रहे है।

आम आदमी पार्टी (आप) की नजर उत्तर प्रदेश पर है। 'आप' यूपी में 2022 में विधानसभा चुनाव के साथ पंचायत चुनाव भी लड़ने का ऐलान कर चुकी है। आम आदमी पार्टी (आप) ने नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का जोरदार समर्थन किया है।

दिल्ली सरकार के मुताबिक 5,000 रुपये की इस स्कॉलरशिप का लाभ दिल्ली के कक्षा 9वीं के 1000 मेधावी छात्रों स्कॉलरशिप का लाभ दिल्ली के कक्षा 9वीं के 1000 मेधावी छात्रों को मिलेगा।

दिल्ली के जल मंत्री सतेंद्र जैन ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली के लोगों को कोरोना की वजह से इस समय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस फैसले से से उन लोगों को बिल चुकाने का समय मिलेगा जिन लोगों ने किसी वजह से अभी तक बिल नहीं जमा किए हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बताया कि कोरोना वैक्सीन लगाने को लेकर जिनका रजिस्ट्रेशन होगा उन्हें पहले वैक्सीन दी जाएगी। इसके अलावा एसएमएस से बताया जाएगा कि कहां वैक्सीन लगवाने पहुंचना है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 20 अगस्त तक हम हर दिन 20 हजार टेस्ट करते थे, लेकिन दूसरी लहर के बाद 60 हजार टेस्ट होने लगे और अभी के समय लगभग 90 हजार टेस्ट हर दिन हो रहे हैं।

यूपी में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी के प्रदेष प्रभारी और राज्य सभा सदस्य संजय सिंह को प्रदेश का नया मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। आम आदमी पार्टी की योजना प्रदेष की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की बनी है।

पत्रकार वार्ता में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि पूर्वांचलियों पर आपने जो टिप्पणी की थी, उसके लिए आपने अभी तक माफी भी नहीं मांगी है। आपने कहा था, ‘पांच सौ रुपए के टिकट पर पूर्वांचली आते हैं और फ्री में पांच लाख का ईलाज कराकर चले जाते हैं। इसलिए हम लोग दिल्ली में कोविड की लड़ाई इन पूर्वांचलियों के कारण जीत नहीं पा रहे हैं’।

आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल के यूपी विधानसभा के चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पक्ष में खड़े हो गए और केजरीवाल को अपने निशाने पर ले लिया।