asaduddin owaisi

बिहार विधान सभा के चुनावों पर न जाने क्यों देश के कथित सेक्युलरवादियों की खास नजरें थीं। वे महागठबंधन के हक में लगातार ही हर प्रकार से लिख -बोल रहे थे।

पश्चिम बंगाल में मुस्लिम वोटों की बहुतायत संख्या को देखते हुए गैर-भाजपा दलों को इसका बड़ा नुकसान होने की संभावना अभी से जताई जा रही है। यह भी तय है कि मुस्लिम वोटों के बंटवारे का सीधा लाभ भाजपा को मिल सकता है।

Munawwar Rana ने AIMIM चीफ़ Asaduddin Owaisi को क्यों बोला ‘सुअर’

बिहार में सफलता हासिल करने के बाद अब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल में भी चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले से TMC को काफी नुकसान होने वाला है।

बिहार चुनाव के बाद ओवैसी की नजरें उन राज्यों पर टिकी हुई हैं जहां विधानसभा चुनाव होने हैं। पश्चिम बंगाल और असम में अगले साल विधानसभा चुनाव में जबकि उत्तर प्रदेश में 2022 में चुनाव होगा।

शनिवार को हो रहे मतदान में हर किसी की नजर जन अधिकार पार्टी के मुखिया पप्पू यादव के असर वाले कोसी इलाके और एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के प्रभाव वाले सीमांचल इलाके पर टिकी है। इन दोनों नेताओं ने अपनी ताकत दिखाने के लिए काफी मेहनत की है।

बिहार के अमौर विधानसभा क्षेत्र में एआईएमआईएम के काफिले पर हमला हुआ है। इस मामले में एआईएमआईएम के सांसद इम्तियाज जलील ने अमौर से महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल जलील मस्तान पर आरोप लगाया है।

कथित बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद फिर से उम्मीद के मुताबिक ही कुछ सेक्युलरवादी और कठमुल्ले विरोध जता रहे हैं।

मुस्लिम समाज की राजनीति के अगुवाकार और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बाबरी विध्वंस के फैसले पर अपनी नाराजगी जताते हुए इसे अदालत की तारीख का काला दिन बताया है।

बिहार में AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी चुनाव में जनाधार बढ़ाने की कवायद में जुट गए हैं। इसी कड़ी में आईएमआईएम और समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक (एसजेडीडी) के बीच गठबंधन हुआ है।