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यूपी में भले ही विधानसभा चुनाव होने में अभी डेढ़ साल का वक्त बाकी हो पर भाजपा संगठन ने इसकी तैयारियां अभी से शुरू कर दी है।

पिछले तीन चुनावों में जातिवाद के बंधन से मुक्त हो चुका उत्तर प्रदेश जातीय मकडजाल में फंसने की राह पर खडा है। ब्राम्हणों के नाम पर शुरू हुई जातिवाद की राजनीति कहीं विकास के रास्ते पर चल रहे प्रदेश को विधानसभा चुनाव तक भटका न दे।

उत्तर प्रदेश में अचानक शुरू हुई ब्राहम्ण वोटों की राजनीति और परशुराम प्रेम बेमकसद नहीं है। इसके पीछे विपक्षी दलों की सुनियोजित रणनीति है।

यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जातियों की खेमेबंदी शुरू हो गई है।

यूपी में विधानसभा चुनाव की आहट के बाद एक बार फिर राजनीतिक दलों को ब्राह्मणों की याद आने लगी हे। जहां सत्ता पक्ष अपने को ब्राह्मणों को सबसे बड़ा हितैशी बनाने में जुट गया है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)अगले विधानसभा चुनाव से पहले समाज के प्रभावशाली व्यक्तियों किसान, अधिवक्ता, शिक्षक, व्यवसायी, एनजीओ संचालक विद्यालय प्रबन्धक,साहित्यकार, सीए, डाक्टर इत्यादि से अनौपचारिक संवाद करके उन्हें पार्टी से जोड़ने का काम करेगी।

दिल्ली में विधानसभा चुनाव हो चुके हैं और आज इसके नतीजे भी शाम तक आ जाएंगे। दिल्लीवालों ने अरविंद केजरीवाल को भर-भर के वोट भी दिए है।

देश की राजधानी दिल्ली में आज विधानसभा चुनाव शुरू हो चुका है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी और विपक्षी पार्टी में चुनावी जंग छिड़ी हुई है।

निर्वाचन आयोग द्वारा दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही अब सभी राजनीतिक दल चुनाव की तैयारियों में जुट गए है। कई राज्यों में सत्ता गंवाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के लिए फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

झारखंड विधानसभा चुनाव नतीजों में झारखंड की सत्ता बीजेपी के हाथ से निकल चुकी है। यह हालत तब है जब कुछ महीने पहले पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी को मई 2019 के लोकसभा चुनावों में बंपर जीत मिली थी।