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माह-पौष  पक्ष कृष्ण, वार- बृहस्पतिवार, तिथि-अमावस्या, नक्षत्र- ज्योष्ठा, सूर्योदय-6.21, सूर्यास्त-17.57।ग्रहण आरंभ-8.13 से सुबह , ग्रहण मध्य-9.17 और ग्रहण समाप्ति-10.56।

जयपुर:तिथि सप्तमी, दिन- बुधवार, नक्षत्र- पक्ष- कृष्ण, माह-पौष, सूर्योदय- 07.11, सूर्यास्त- 17.22। बुधवार के दिन गणेश पूजा करें और हरी वस्तुओं को दान दें।

इस साल खरमास 16 दिसंबर से लग रहा है। साल में दो बार जब सूर्य, गुरु की राशि धनु व मीन में संक्रमण करता है, उस समय को खर, मल व पुरुषोत्तम मास कहते हैं। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। खर मास आगामी 14 दिसम्बर से शुरू हो रहा है। शास्त्रों में बताया गया है कि सूर्य जबतक गुरू की राशि मीन अथवा धनु में होता हैं

दिन की शुरुआत चाहते हैं शुभ और सफलतादायक हो तो बिस्तर से उठते ही अपने दोनों हाथों को आपस में रगड़ कर चेहरे पर लगाएं। बिस्तर से उठते ही अपने दोनों हाथों को आपस में रगड़ कर चेहरे पर लगाएं और दिए गए 3 मंत्रों में से किसी भी 1 मंत्र को हर दिन बोलें।

आर्थिक विषयों का आयोजन होगा। माता की तरफ से अधिक प्रेम और भावनाओं का अनुभव होगा। स्त्रियों को सौंदर्य प्रसाधन, वस्त्र या आभूषणों की खरीदी के पीछे खर्च होगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी। स्वभाव में जिद्दीपन रहेगा।

किसी भी चीज और काम में मन नहीं लगता है तो परेशान ना हो, धन से जुड़ी अगर ऐसी ही समस्या किसी के साथ भी हो सकती है। अगर आपके साथ भी होती है, तो शुक्रवार के दिन कुछ उपाय करके मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं...

माह – कार्तिक, तिथि – चतुर्थी, पक्ष – शुक्ल, वार – गुरूवार, नक्षत्र – ज्येष्ठा, सूर्योदय – 06:32, सूर्यास्त – 17:37,चौघड़िया शुभ – 06:36 से 07:58, चर – 10:42 से 12:04,लाभ – 12:04 से 13:27,अमृत – 13:27 से 14:49। आज से  चार दिवसिय छठ पर्व की शुरूआत हो रही है।

छठ पर्व सूर्य की उपासना का प्रकृति पर्व है। छठ ही एक ऐसा पर्व है जिसमें डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठ पर्व का व्रत बहुत कठिन होता है। मान्यता है कि छठ के 4 दिनों में सूर्यदेव और उनकी बहन छठी देवी की पूजा से व्रतियों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

हिन्दू धर्म में भाई-बहन के स्नेह-प्रतीक के रूप में दो त्योहार मनाये जाते हैं। पहला रक्षाबंधन जो कि सावन मास की पूर्णिमा को होता है।भाई दूज का त्योहार भाई और बहन के प्यार को सुदृढ़ करने का त्योहार है। यह त्योहार दीवाली से दो दिन बाद मनाया जाता है

मास- कार्तिक, पक्ष- कृष्ण, वार-रविवार , तिथि अमावस्या, राहुकाल- प्रात: 4:27 से 17.52 तक, सूर्योदय – 06:29, सूर्यास्त – 17:52।ग्रहों की स्थिति-राहु मिथुन राशि में हैं। कन्या में मंगल और चंद्रमा लक्ष्मी योग बना रहे हैं। यह बहुत अच्छी स्थिति है। इसी लक्ष्मी योग का सबको इंतजार रहता है।