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इस बार देश में 11-12 अगस्त को अष्टमी तिथि दो दिन तक रहेगी।  देश के कुछ जगहों पर बुधवार, 12 अगस्त को भी लोग जन्माष्टमी मनाएंगे। जन्माष्टमी के पर्व पर 27 साल बाद एक बेहद अद्भुत संयोग बन रहा है।

भाद्रपद मास की तृतीया तिथि कृष्ण पक्ष में सूर्योदय सुबह 5.30 और सूर्यास्त 18.35 । कैसा रहेगा आज का दिन जाने राशिफल..

भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में जन्माष्टमी का त्योहार पूरे देश में बेहद धूम धाम से मनाया जाता है।हर साल भादप्रद माह की अष्टमी के दिन होता है, क्योंकि इसी दिन श्री कृष्ण ने माता देवकी की कोख से जन्म लिया था

हाथ की रेखाएं व्यक्ति के विवाह योग के बारे में बहुत कुछ बताती हैं।  अक्सर कई लोगों के जीवन में देखा जाता हैं कि उनके प्रेम प्रसंग ज्यादा समय तक नहीं चल पाते हैं और विवाह के मुकाम तक नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं

सावन का महीना शुरू हो चुका है जिसमें कई सारे तीज और त्योहार पड़ने वाले हैं। इस महीने का पूरे साल में काफी खास महत्व होता है ये महीना भगवान शिव का भी माना जाता है, कहा जाता है सावन के महीने में भगवान शिव धरती पर आते हैं और भक्तों के साथ रहते हैं।

शिव की पूजा और भक्ति का माह सावन का विशेष महत्व होता है। इस माह में भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। इसलिए लोग सावन सोमवार का व्रत भी रखते हैं। धार्मिक के साथ सेहत के लिए भी इन दिनों व्रत रखना सही रहता है क्योंकि इस समय पाचन क्रिया कमजोर रहती है।

सावन का महीना हरियाली और उत्साह और भक्ति का महीना होता हैं जब शिव की भक्ति करने का मौका मिलता हैं और उनके और करीब जाने का अहसास होता हैं। सावन के इस महीने में भगवान शिव को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता हैं।

कहते हैं कि सृष्टि का निर्माण भगवान शिव ने किया है और उनकी इच्छा से ही सृष्टि चलती है। जो भी सच्चे दिल से भगवान शिव की भक्ति करता है। उसकी सब मनोकामनाएं भोलो बाबा पूरी कर देते हैं। शिवपुराण के अनुसार, अगर नियमित रूप से शिवलिंग का पूजन  किया जाय

जयपुर माह सावन पक्ष-कृष्ण, तिथि- द्वितीया दिन मंगलवार, नक्षत्र- श्रवण – 11:56 PM तक सूर्योदय- 5.30, सूर्यास्त-19.10। दिन मंगलवार को जानिए 12 राशियों के राशिफल.

ग्रहण एक खगोलीय घटना हैं जिसका प्राचीन महत्व भी बहुत हैं। माना जाता हैं कि राहु, सूर्य या चंद्रमा को ग्रसता है तब ग्रहण लगता है। ऐसे में जरा सोचिए की जो राहू सूर्य और चंद्रमा पर अपना असर दिखा सकता हैं वह इंसानों पर कितना प्रभावशाली होगी