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माता-पिता के लिए संतान सुख दुनिया का सबसे बड़ा सुख होता है। किसी कारण से संतान सुख में बाधा आ रही है तो सोने से पहले पत्नी के सिरहाने में कुछ ऐसा रखने की सलाह दी जाती है,इसके अलावा संतान प्राप्ति के लिए वास्तु में कुछ उपाय बताए गए हैं।  

 तिथि – द्वादशी – 06:13:01 तक, त्रयोदशी – 28:57:58 तक, नक्षत्र – कृत्तिका – 10:01:31 तक,,करण – तैतिल – 06:13:01 तक, गर – 17:40:19 तक,,पक्ष – कृष्ण,,योग – शूल – 19:54:49 तक,,वार – रविवार,,माह – आषाढ़,,सूर्योदय – 05:26:16,,सूर्यास्त – 19:22:59

12 राशियों की यात्रा पूरी करने में चंद्रमा को 28 दिन लगते हैं। 27 जून आज से चंद्रमा  मेष राशि में प्रवेश कर रहा है। इस राशि में प्रवेश से चंद्रमा को  मिथुन व कर्क राशि के जातक और सिंह व मीन राशि के जातक को सबसे ज्यादा लाभ मिलने वाला है। ढाई दिनों का मेष राशि में प्रवेश का 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा जानते हैं....

जयपुर: घर का वास्तु कहीं न कहीं पति-पत्नी के रिश्तों पर भी प्रभाव डालता है। अगर घर में सब कुछ उचित है और सभी चीजें वास्तु के अनुसार है तो पति-पत्नी का रिश्ता मधुर रहता है। लेकिन यदि पति-पत्नी का रिश्ता ठीक नहीं है और आए दिन लड़ाइयां होती रहती है, बात-बात पर विवाद होने लगा है …

मैत्रायणी संहिता में नारद को आचार्य के रूप में सम्मानित किया गया है। कुछ स्थानों पर नारद का वर्णन बृहस्पति के शिष्य के रूप में भी मिलता है। अथर्ववेद में भी अनेक बार नारद नाम के ऋषि का उल्लेख है। भगवान सत्यनारायण की कथा में भी उनका उल्लेख है।

यदि पर्वत अधिक उभार वाला हो और रेखा कटी या टूटी हो तो व्यक्ति अभिमानी, स्वार्थी, क्रूर, कंजूस और अविवेकी होता है। यदि हथेली में सूर्य पर्वत शनि की ओर झुका हो तो व्यक्ति जज एवं सफल अधिवक्ता होता है

अंगूठे पर चक्र का निशान हो तो वह व्यक्ति बहुत भाग्यशाली कहलाता है। उसका कोई भी काम नहीं रुकता है। उसको सफलता बड़ी जल्दी मिलती है और अपने क्षेत्र का महारथी माना जाता है।अगर किसी की हथेली पर सूर्य रेखा निकलकर गुरु पर्वत की ओर जाती है

जयपुर:किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसके हाथ की रेखा व पर्वतों का खास महत्व होता है।इससे व्यकित के व्यक्तित्व का पता चलता है। खासकर शनि व सूर्य रेखा व पर्वत बहुत महत्व रखते है जीवन में।शनि ग्रह की रेखा भी विशिष्ट है। यह  ग्रह अपने नीलाभवर्ण और चतुर्दिक मुद्रिका-कार आभायुक्त वलय के कारण बहुत …

जयपुर:माह-चैत्र,  पक्ष-शुक्ल, वार-शनिवार, तिथि- अष्टमी11:42 तक फिर नवमी,सूर्योदय- 06:03, सूर्यास्त- 06:40। शुभ मुहूर्त- अभिजीत मुहर्त -11:56 से12:47,अशुभ मुहूर्त- राहुकाल-09 से 10:30 बजे  तक। मेष आत्मविश्वास में कमी आयेगी। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। स्वास्थ के प्रति सचेत रहें। आय की स्थिति सन्तोषजनक रहेगी।सूर्य का परिवर्तन सुखद एवं उत्साहवर्धक होगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। धन, यश, कीर्ति में वृद्धि होगी। …

जयपुर:  मंगलवार, चैत्र मास  मास,  कृष्ण पक्ष, द्वादशी का राशिफल,सूर्योदय-6.23, सूर्यास्त-6.01। मेष : उदर या नेत्र विकार की संभावना। वाणी पर संयम रखें। व्यर्थ परेशानी और उलझनें रहेंगी। लंबी यात्रा या देशाटन की संभावना है।ऐश्वर्य के साधन सहज ही प्राप्त हो सकते हैं। नए मित्र बनेंगे। पूजा-पाठ में मन लगेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। कोर्ट-कचहरी व …