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माह – आश्विन,तिथि – अष्टमी ,पक्ष – कृष्ण,वार – गुरुवार,नक्षत्र –रोहिणी , सूर्योदय – 06:11,सूर्यास्त – 18:36  ,। कैसा रहैगा गुरुवार का दिन जानिए राशिफल

जयपुर:माह – आश्विन,तिथि – सप्तमी ,पक्ष – कृष्ण,वार – बुधवार,नक्षत्र –कृतिका , सूर्योदय – 06:11,सूर्यास्त – 18:36 , अभी पितृपक्ष चल रहा है अपने पूर्वजों के नाम पर दान-पुण्य से अपना समय खुद के अनुकूल बनाएं।

तिथि षष्ठा नक्षत्र भरणी/ कृतिका, सूर्योदय प्रातः 06बजकर 11 मिनट, सूर्यास्त सायं 06 बजकर 38 मिनट, जानें कैसा रहेगा मंगलवार का दिन…

 विक्रमी संवत् 2077, पक्ष कृष्ण, तिथि तृतीया, नक्षत्र रेवती सूर्योदय प्रातः 06बजकर 13 मिनट, सूर्यास्त सायं 06 बजकर 40 मिनट, जानें कैसा रहेगा शनिवार का दिन…

जयपुर विक्रमी संवत् 2077, पक्ष कृष्ण, तिथि द्वितीया, नक्षत्र उ.भा. सूर्योदय प्रातः 06बजकर 13 मिनट, सूर्यास्त सायं 06 बजकर 40 मिनट, जानें कैसा रहेगा शुक्रवार का दिन…

विक्रमी संवत् 2077, पक्ष कृष्ण, तिथि प्रतिपदा / प्रतिपदा, नक्षत्र पू.भा. सूर्योदय प्रातः 06बजकर 10 मिनट, सूर्यास्त सायं 06 बजकर 043 मिनट, जानें कैसा रहेगा गुरुवार का दिन…

कहा जाता है शादी जैसा रिश्ता है जो दो लोगों के आपसी सहमति और सामंजस्य से बनता हैऔर इसमें दोनों के सितारे नक्षत्र अहम भूमिका अदा करते हैं। दो दिलों को जोड़ने वाले इस बंधन से जुड़ीं कुछ बातें जिसे शादी के पहले सभी को जान लेना चाहिए।

कर्ज मुक्त जीवन ही सबसे खुशहाल जीवन होता है। कई बार कर्ज लेने के बाद उसे लौटाना व्यक्ति को भारी पड़ता है और उसकी पूरी जिंदगी कर्ज चुकाते खत्म हो जाती है।यदि आप किसी भी  प्रकार के कर्ज में बोझ तले दबते जा रहे हैं,

मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है। इस पक्षी को देखने से सकारात्मक उर्जा का संचार होता है। यही वजह है कि अधिकांश लोग अपने घरों में मोर के पंख लगाते हैं।  इंद्र देव का मोरपंख के सिंहासन पर बैठना, कृष्ण का अपने द्वारा इसी मोरपंख की कलम बनाकर बड़े-बड़े ग्रंथ लिखना कुछ ऐसे उदाहरण हैं,

जयपुर : विक्रमी संवत् 2077, पक्ष शुक्ल, तिथि पंचमी नक्षत्र चित्रा , सूर्योदय प्रातः 06बजकर 5 मिनट, सूर्यास्त शाम 06 बजकर 056 मिनट। जानें कैसा रहेगा रविवार का दिन….