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माह – भाद्रपद, तिथि – चतुर्दशी, पक्ष – शुक्ल, वार –बृहस्पतिवार ,नक्षत्र – धनिष्ठा ,सूर्योदय – 06:04, सूर्यास्त – 18:30, चौघड़िया शुभ – 06:08 से 07:40, चर – 10:45 से 12:17, लाभ – 12:17 से 13:50, अमृत – 13:50 से 15:22, शुभ – 16:54 से 18:27।

माह-भाद्रपद, तिथि-त्रयोदशी, पक्ष-शुक्ल,वार-बुधवार,नक्षत्र – श्रवण,सूर्योदय-06:03,सूर्यास्त- 18:31, राहुकाल – 12:17:43 से 13:51:12 तक, चौघड़िया- लाभ – 06:08 से 07:40,अमृत – 07:40 से 09:13,शुभ – 10:45 से 12:18,चर – 15:23 से 16:55,लाभ – 16:55 से 18:28।

जयपुर माह भाद्रपद,तिथि द्वादशी, पक्ष शुक्ल,वार मंगलवार,नक्षत्र उत्तराषाढ़ा ,सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 18:32, चौघड़िया चर – 09:12 से 10:45,लाभ – 10:45 से 12:18, अमृत – 12:18 से 13:51,शुभ – 15:23 से 16:56

जब चंद्रयान-2 चांद तक पहुंचने वाला था तब ज्योतिषफल बता रहे थे कि अमृत योग में चंद्रयान लैंड करेगा जो शुभ होगा व जल तत्व के लिए जीवनदायी भी रहेगा। लेकिन ऐसा होते होते रह गया है। वैसे भी विज्ञान को ज्योतिष से अलग नहीं कर सकते है। जहां विज्ञान मात खाता है वहां

ज्योतिष में सभी नौ ग्रहों में सबसे ज्यादा चलने वाला ग्रह है चंद्रमा, जो मन का कारक है। इस ग्रह का किसी  से कोई शत्रुता नहीं होती है। मतलब यह चंद्रमा का मित्र ग्रह  वैसे तो सूर्य  व बुध है लेकिन इसके अलावा भी इस ग्रह की अन्य ग्रहों से कोई शत्रुता नहीं होती है। चंद्रमा मंगल, गुरु, शुक्र व शनि से सम संबंध रखते है। चन्द्र कर्क राशि का स्वामी है।

 माह – भाद्रपद, तिथि – अष्टमी – 20:45, पक्ष – शुक्ल,वार – शुक्रवार,नक्षत्र – ज्येष्ठा , सूर्योदय – 06:01,सूर्यास्त – 18:37, राहुकाल – 10:44:55 से 12:19:26 तक , चौघड़िया चर – 06:05 से 07:39, लाभ – 07:39 से 09:12, अमृत – 09:12 से 10:46,शुभ – 12:19 से 13:53, चर – 17:00 से 18:34

माह- भाद्रपद,तिथि-षष्ठी, पक्ष – शुक्ल,वार- बुधवार,नक्षत्र – विशाखा, सूर्योदय-06:00,सूर्यास्त-18:39, राहुकाल – 12:20 से 13:55 तक,लाभ-06:04 से 07:38, अमृत  07:3- से 09:12,शुभ-10:46 से 12:20, चर - 15:28 से 17:02,लाभ-17:02 से 18:36।

माह – भाद्रपद, तिथि – पंचमी – 23:28 तक, पक्ष – शुक्ल,वार – मंगलवार,नक्षत्र – चित्रा – 06:24 तक, स्वाति – 28:53 तक,सूर्योदय – 05:59,सूर्यास्त – 18:41,राहुकाल – 15:30 से 17:05 तक। आज सप्तऋषियों के पूजा का दिन है। इसदिन पूजा  व व्रत करने से धूल जाते है। सारे पाप।

सोमवार, नक्षत्र – हस्त ,माह – भाद्रपद,तिथि – चतुर्थी ,पक्ष – शुक्ल, सूर्योदय – 05:59,सूर्यास्त – 18:42।सोमवार को तीज व गणेश चतुर्थी का योग एक साथ पड़ने से कई शुभ योग और शुभ दिन बन रहे है।

माह  भाद्रपद, तिथि  द्वितीया ,पक्ष  शुक्ल,वार रविवार,नक्षत्र  उत्तरा फाल्गुनी ,सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:43,राहुकाल – 17:07 से 18:43। रविवार के दिन भगवान सूर्य को जल दें। और गणेश भगवान के आगमन की तैयारी में लगने के लिए शुभ दिन है।