atal bihari vajpayee

समस्त अयोध्या प्रकरण (आज का) के सन्दर्भ में लालकृष्ण आडवाणी प्राचीन ग्रीक नाटकों के त्रासद हीरो लगते हैं| ऐसा नायक जो निन्यानवे तक चढ़कर फिसल जाता है| सांप-सीढ़ी के खेल की तरह| बस एक रन से शतक छूट जाता है| प्रधानमंत्री नहीं बन पाए| ‘उप’ ही बन सके|

जसवंत सिंह उन गिने-चुने राजनेताओं में से थे जिन्हें भारत के विदेश, वित्त और रक्षा मंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ था। 1966 में वह पहली बार राजनीति के मैदान में उतरे और राजस्थान के दिग्गज नेता भैरो सिंह शेखावत की छत्रछाया में आगे बढ़ते हुए 1980 में पहली बार राज्यसभा सांसद बने।

भाजपा नेता जसवंत सिंह नहीं रहे । अपने अंतिम दिनों में वह भाजपा में अलग थलग पड़ गए थे । जसवंत सिंह की राजनीति में एंट्री भी बेहद दिलचस्प है। राजनीति में जसवंत सिंह अटल बिहारी वाजपेयी की मदद करने के लिए आए थे ।

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। 82 वर्षीय जसवंत सिंह बाथरूम में गिरने के बाद काफी दिनों से कोमा में चल रहे थे।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई और उनकी सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह की दोस्ती के कई किस्से हुई राजनीति के गलियारों में मशहूर हैं।

भारतीय जनता पार्टी के लाइन बाजार स्थित कैम्प कार्यालय पर भारत रत्न अटल विहारी वाजपेयी जी की दूसरी पुण्यतिथि पर जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह सहित भाजपा जनों ने वाजपेयी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दिया।

15 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार सातवीं बार लाल किले की प्राचीर से झंडा फहराएंगे। पीएम मोदी भारतीय इतिहास में चौथे सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर का भूमिपूजन करने के बाद मंदिर की आधारशिला रखी। सत्तर साल के इतिहास में नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे पीएम हैं, जिन्होंने अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन किए हैं।

देश की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के गठन के आज 40 ऐतिहासिक साल पूरे हो गए हैं। इस दौरान पार्टी ने शून्य से शिखर तक का जो सफर तय किया है वो कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है।