ayodhya dispute

मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम 5 अगस्त को 8 बजे शुरू हो सकता है। प्रधानमंत्री उस दिन 11 से 1 बजे के बीच अयोध्या पहुंच सकते हैं। पीएमओ के सूत्रों का कहना है कि इसका पूरा प्लान लगभग तैयार कर लिया गया है।

अयोध्या रामजन्मभूमि-बाबारी मस्जिद विवाद पर फैसले का दिन आ गया। इस विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिनों तक रोज सुनवाई की थी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने इस मामले की सुनवाई की है।

देश के सबसे बड़े अयोध्या विवाद को लेकर आ रहे सुप्रीम कोर्ट के आ रहे फैसले को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अभी से बेहद गंभीर हो गया है।

‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने पिछले महीने 28 सितंबर को दिवाली सेफ तरीके से मनाने का आग्रह किया था। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा था कि त्यौहार सभी के साथ मनाने में ही इसका असली मजा है।

अयोध्या मामले और आर्टिकल 370 को लेकर पिछले कुछ समय से नेपाल बॉर्डर आतंकी गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। इसकी वजह से सरकार अलर्ट पर है।

कहानी है बाबर के समय की। मीर बाकी मुगल बादशाह बाबर का कमाडंर था और बाबर के साथ ही भारत आया था। मीर बाकी ने अपने बादशाह बाबर के नाम पर ही अयोध्या में मस्जिद बनवाई थी।

लेकिन इन सबके बावजूद अगर मंदिर निर्माण नहीं शुरू होता है तो बहुसंख्यकों में विभाजन को रोक पाना भाजपा के लिए मुश्किल होगा। इकलौता मंदिर निर्माण ऐसा मुद्दा है जो एक बार फिर बहुसंख्यकों द्वारा बहुमत की सरकार बनाने के मोदी के फार्मूले को दोहरा सकता है।

कांग्रेस के कार्यकाल में श्री रामजन्मभूमि परिसर का ताला खुला, मुलायम सरकार में मंदिर निर्माण के लिए गये कारसेवकों को रोकने के लिए गोली चली, कल्याण सरकार के दौरान बाबरी ढांचे का विध्वंस किया गया। मायावती सरकार में 60 साल पुराने का इस विवाद का फैसला आया।

इस मामले पर दिग्गज नेताओं के भी अलग-अलग बयान आ रहे हैं। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अयोध्या विवाद के हल के लिए कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए टीम गठित की थी, जोकि विफल रही।

राम मंदिर आन्दोलन के प्रणेता परमहंस राम चन्द्र दास की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या पहुंचे। जहां उन्होंने परमहंस जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।