ayodhya ram temple

राम मंदिर के भूमि पूजन में शामिल होने के लिए सबसे पहला आमंत्रण अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी को भेजा गया है।

5 अगस्त की तारीख देश के लिए बहुत अहम है। बीते साल 5 अगस्त को ही अनुच्छेद 370 हटा था और इस साल इसी तारीख को अयोध्या राममंदिर का भव्य भूमिपूजन-शिलान्यस होगा।

अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर का इतिहास हजारों साल तक सुरक्षित बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। मंदिर के गर्भगृह में 200 फीट की गहराई में एक टाइम कैप्सूल रखा जाएगा।

अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि-पूजन की तारीख 5 अगस्त तय की गई है। इस पावन अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर का भूमि-पूजन करेंगे।

एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा था कि कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर बनाने से कोरोना महामारी खत्म हो जाएगी। इस पर उमा भारती ने कहा है कि पवार का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नहीं, बल्कि भगवान राम के खिलाफ है।

अयोध्या राम मंदिर के शिलांयास, मंदिर के मॉडल, बनने के समय, लगने वाली अनुमानित लागत को लेकर शनिवार को फैसला ले लिया गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, रामलला की जन्मस्थली अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तारीख का एलान हो गया है।

500 सालों के लम्बे इंतजार के बाद आखिरकार वह घड़ी आ ही गई, जब अयोध्या में राममंदिर निर्माण का शिलान्यास किया जाएगा। अगस्त के पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने को लेकर तैयारियां शुरू हो गयी हैं।

अनलॉक-1.0 में 8 जून से मंदिरों को खोलने की मंजूरी मिल गई है। ऐसे में अयोध्या रामजन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण को लेकर तैयारियां भी पूरी हो गई हैं।

अयोध्या मामले के वादियों में से एक निर्मोही अखाड़े ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय का रुख कर केंद्र की उस याचिका का विरोध किया जिसमें विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थान के आसपास 67.390 एकड़ ‘‘अविवादित’’ अधिग्रहित भूमि को मूल मालिकों को लौटाने की अपील की गई है।

लखनऊ: राम मंदिर को लेकर अब सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। अब इस मामले को लेकर बीजेपी विधायक मुकुट बिहारी वर्मा ने एक विवादित बयान दिया है। बता दें, जहां यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सुप्रीम कोर्ट में लंबित राम मंदिर निर्माण को लेकर कानून लाने की बात कर रहे थे तो …