Ayodhya verdict

अयोध्या राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर शनिवार को देश की सर्वोच्च अदालत से आए फैसले का सभी ने स्वागत ने किया। अयोध्या फैसले से जुड़ी खबरें दुनियाभर के मीडिया में प्रमुखता से ऑनलाइन संस्करणों में प्रकाशित हुई है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये अयोध्या फैसले पर बीजेपी के लौह पुरूष व पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्‍ण आडवाणी ने कहा कि मैं इस आंदोलन का हिस्‍सा बना, भगवान का शुक्रिया!

अयोध्या मामलें पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले और बाद में सोशल मीडिया, इमरजेंसी 112 नंबर पर आने वाली फोन कॉल और मीडिया से प्राप्त सूचनाओं पर नजर रखने के लिए पहली बार उत्तर प्रदेश पुलिस के 112 मुख्यालय पर ‘इमरजेंसी आपरेशन सेंटर’ बनाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं भी स्थिति पर नजर बनाये हुए थे।

राम मंदिर का फैसला आने के बाद अयोध्या में शाम को सरजू तट पर श्रद्धालु ने आस्था का दीप जलाया।

6 दिसम्बर 1992 केा अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढांचा गिराये जाने के मामले में लखनऊ की एक विशेष अदालत में चल रहे आपराधिक केस में अप्रैल 2020 तक फैसला आ सकता है।

सियासत में हिंदुत्व का ताना-बाना बुनकर भाजपा लोगों के बीच पैठ बनाने में जुटी गई। अयोध्या आंदोलन ने भाजपा को कई कोहिनूर दिए या कहें दिग्गजों ने राममंदिर आंदोलन के जरिए देश की सियासत में खुद को स्थापित किया।

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को राम जन्मभूमि केस में फैसला सुनाया है। सीजेआई रंजन गोगोई की अध्‍यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने विवादित जमीन रामलला विराजमान को देने का फैसला सुनाया। इसके अलावा सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड को अयोध्‍या में कहीं भी पांच एकड़ जमीन देने को कहा है।

उत्तर प्रदेश शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि शिया वक्फ बोर्ड शुरू से ही अयोध्या में श्रीरामजन्म भूमि पर एक भव्य राम मंदिर बनाये जाने का पक्षधर था। इस लिहाज से इस मामलें में सुप्रीम कोर्ट का फैसला शिया वक्फ बोर्ड के पक्ष में है।

सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ ने अपने फैसले से आज सदियों पुराने विवाद का अंत कर दिया। लोगों के मन में सवाल होगा कि इस फैसले के लेखक ने किस तरह सदियों पुराने विवाद पर फैसले को 929 पन्नों के फैसले में उतारा। पीठ ने फैसला सर्वसम्मति से लिया है।