ayodhya

फैजाबाद व अंबेडकर नगर लोक सभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा और अयोध्या के करीब होते हुए भी रामलला हनुमानगढ़ी का दर्शन ना करने के सवाल पर डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा कि मुझे तो लगता है कि जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला का दर्शन करने के लिए अयोध्या पहुंचेंगे।

बुधवार सुबह अयोध्या निकलने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में मोहान रोड पर स्थित स्पर्श बालिका इंटर कॉलेज पहुंचे और दृष्टिबाधित बालिकाओं से मुलाकात की। इस दौरान बच्चों ने उन्हें भजन सुनाया।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अयोध्या में गैर-विवादित भूमि पर पूजा करने की अनुमति की मांग संबंधी एक याचिका को खारिज कर दिया है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को भाजपा पर देश के संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करने की पूरी तैयारी कर लेने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि केन्द्र की 'सबसे कमजोर' नरेन्द्र मोदी सरकार में जनता के बुनियादी सवालों का सामना करने की हिम्मत नहीं है।

श्रीराम जन्मोत्सव 5 अप्रैल से शुरू होकर 14 अप्रैल को मुख्य आयोजन के रूप में मनाया जाएगा। लाखों तीर्थयात्री इस दिन मां सरयू की गोद में नहाएंगे। जिसकी तैयारी के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आज मंडलायुक्त मनोज मिश्र ने पुलिस महानिरीक्षक संजीव गुप्ता के साथ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में चैत्र रामनवमी मेले की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला प्रशासन अयोध्या रामनवमी मेले के दौरान विशेष निगरानी, आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान रखें।

राम नगरी अयोध्या के मंदिरों से रंगभरी एकादशी तिथि से अवधपूरी में होली का आगाज हुआ। अयोध्या के 6 हजार से अधिक मंदिरों के गर्भगृह में विराजमान भगवान के विग्रह को ब्रह्ममुहूर्त में साज-सज्जा के साथ आरती कर गुलाल लगाया गया, यही नहीं अवध में होली के आगाज पर मंदिरों में आने वाले भक्तों को भी प्रसाद के रूप में गुलाल लगाया गया तो रामनगरी की संस्कृति और भी पुष्ट हो गयी।

अंसारी ने कहा कि मुझे भी श्रीश्री के नाम पर आपत्ति है। कोर्ट की ओर से उनका नाम पैनल में शामिल किया गया है। कोर्ट से और भी नाम पैनल में शामिल होने चाहिए। इससे साधु-संतों की आपत्ति को दूर किया जा सके और बातचीत की स्थिति बने।

सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या मामले का मध्यस्थता के जरिए हल करने के लिए शुक्रवार को मध्यस्थता पैनल के ऐलान के बाद भाजपा के पूर्व सांसद एवं अयोध्या मामले में कभी फायरब्रांड नेता रहे विनय कटियार ने लचीला रुख अपनाते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले का स्वागत है, लेकिन साथ ही यह भी दोहराया जहां रामजन्मभूमि है उस स्थान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है।

राम जन्मभूमि मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर जाकर एक बार फिर अटक गया है। कहां तो पूरे देश की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर थीं, सब को उम्मीद थी कि अदालत के फैसले से लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद को कोई दिशा मिल जाएगी। हिन्दूवादी संगठन मंदिर निर्माण शुरू करने को पहले से ही बेताब हैं।

अयोध्या में राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ इस बात का फैसले करेगी कि इस मामले को कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थता को सौंपा जाए या नहीं।