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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत का मामला सामने आया है। बाराबंकी में थाना कोतवाली के सफेदाबाद में एक परिवार के 3 बच्चों और दंपति ने आत्महत्या कर ली है।

लॉकडाउन के बीच ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पर कई लोगों में अपने नवजात बच्चे का नाम कोरोना वायरस की महामारी पर रखा हो। एक ऐसा ही किस्सा सामने आया है बाराबंकी से, जहां पर बच्चे के जन्म के बाद पिता ने उसका नाम कोविड रख दिया।

कोरोना वायरस पर नियंत्रण की बातों के बीच अनियंत्रित होने जैसी रिपोर्ट आई है। पिछले एक सप्ताह के अंदर महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु सहित अन्य महानगरों से आए लोग कोरोना संक्रमित निकल रहे हैं।

पूरे बाराबंकी जनपद में कोरोना के 95 नए केस सामने आए वहीं बंकी कस्बे से पॉजिटिव मरीज सामने आने के बाद उसे सील कर दिया गया ।

यह लोग बाराबंकी की सीमा पर खड़े होकर वहां से निकलने वाले हर प्रवासी मजदूरों को भोजन - पानी उपलब्ध करा रहे हैं | पहले यह लोग कस्बों में इकठ्ठा होकर लोगों को भोजन उपलब्ध करा रहे थे अब यह जिले की सीमा से होकर निकलने वाले मजदूरों को भोजन - पानी उपलब्ध करा रहे हैं |

रास्ते में तमाम लोग मजदूरों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। बाइक सवार मददगार अजीबो-गरीब तरीके से रिक्शे पर सवार मजदूरों की मदद करते नजर आए। जिन्हें देखकर सभी दंग रह गए।

शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के तीन अलग अलग जिलों में मजदूरों के साथ दुर्घटना हो गयी, जिसमें 6 मजदूरों की मौत और लगभग 46 मजदूर घालय हो गए। ये सड़क हादसे बाराबंकी, बहराइच और जालौन में हुए।

बाराबंकी जनपद के थाना रामसनेही घाट इलाके पूरेडीह महुलारा गाँव बीती 6 मई को गाँव के बाहर जंगल में एक पन्द्रह वर्षीय युवक का शव मिला था | शव को देखने से ही पता चल रहा था कि यह हत्या का मामला है |

कोरोना की महामारी में सबसे अचूक हथियार सोशल डिस्टेंसिंग को माना जाता है और बाहर से आये लोगों को इस कारण क्वारनटाईन भी किया जा रहा है जिससे उनसे किसी को संक्रमण फैलने न पाए।

जिला अस्पताल में आज एक महिला के पांच बच्चों के जन्म लेने की खबर हवा की तरह फ़ैल गयी। यह पांचों बच्चे एक सीएचसी पर जन्म लेने के उपरांत जिला अस्पताल के लिए रेफर किये गए हैं।