batla house encounter

आजमगढ़ की पहचान ऋषियों-मनीषियों की तपोस्थली और विद्वानों-साहित्यकारों की जन्मस्थली से थी, उस आजमगढ़ को आतंकगढ़ और आतंकियों की नर्सरी कहा जाने लगा। अपने ऊपर लगे इस बदनुमा दाग से आजमगढ़ जहां मर्माहत हुआ, वहीं यहां के युवाओं के लिए गैरजनपदों व गैरप्रान्तों में रोजगार के रास्ते भी बन्द हो गये। पूरे देश में यहां के लोगों को शक-संदेह की दृष्टि से देखा जाने लगा।

नई दिल्ली:  पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि बटला हाउस एनकाउंटर फ़र्ज़ी नहीं था। उन्होंने कहा कि बटला हाउस एनकाउंटर सही था, इसपर उन्हें कभी शक  नहीं था। -पाटिल ने कहा कि इस एनकाउंटर पर सवाल उठाना बिल्कुल ग़लत है। -दिग्विजय सिंह  समेत कई कांग्रेसी नेताओं ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाए …