Bengaluru

आज के समय में लोग काफी संख्या में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिक टॉक से जुड़े हैं। यूजर्स कंटेट बनाने के लिए किसी भी हद तक जाते हैं। जिसके चलते कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है।

इस वक्त की बड़ी खबर बेंगलुरु से आ रही है। यहां राज्य सरकार कोरोना को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। जिसके मुताबिक अगर कोई कोरोना केस सामने आएगा तो पूरे इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित करने के बजाय केवल उस घर या अपार्टमेंट को सील किया जाएगा।

जब पूरा देश कोरोना वायरस से परेशान है ऐसे में एक अजीबों-गरीब आवाज ने बेंगलुरु के लोगों को हैरान कर दिया है। अधिकारी से लेकर आम लोगों तक को समझ नहीं आ रहा कि आखिरकार इतनी भयावह और तेज आवाज किस चीज से निकली। करीब 5-7 सकेंड तक लगातार आने वाली इस आवाज से वहां के लोग सकते में हैं और कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं

19 अप्रैल को बेंगलुरु के पदारायणपुरा क्षेत्र में स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए 126 लोगों में से 5 लोगों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में गूगल (Google) का एक कर्मचारी कोविड-19 यानि कोरोना वायरस (Corona virus) से संक्रमित पाया गया है। जानकारी के मुताबिक, ये शख्स हाल ही में यूनान की यात्रा से लौटा था।

मध्यप्रदेश के सियासी घमासान अब मारपीट व टकराव में बदलता जा रहा है। कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाया है कि बेंगलुरु में जिस रिसॉर्ट में मप्र के 19 कांग्रेसी विधायक ठहरे हैं, वहां गुरुवार को मप्र के दो मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह यादव पहुंचे तो उनके साथ कर्नाटक पुलिस द्वारा मारपीट की। रिसॉर्ट प्रबंधन ने उन्हें अपने विधायक साथियों से मिलने से रोका।

नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA) के खिलाफ असदुद्दीन ओवैसी की रैली में पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी पर मचे हंगामे के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। बेंगलुरु पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया है, जो अपने हाथ में दलित, कश्मीर और मुस्लिम मुक्ति लिखा बैनर लिए हुए थी।

सीएए-एनआरसी के खिलाफ ऑल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की रैली में गुरुवार को हंगामा हो गया। एक महिला ने मंच से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए।

बेंगलुरु के लोगों के लिए रविवार का दिन काफी ख़ास रहा। 170 साल में आज पहली बार मोदी मस्जिद के दरवाजे गैर मुसलमानों के लिए खोल दिए गये। यहां पर मुसलमानों के साथ सभी धर्मों के लोगों ने मस्जिद का दीदार किया।