bhartiy Janta Party

कोरना के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया था जिसकी वजह से काफी मजदूर फंसे रह गए थे अब इन फंसे मजदूरों की घर वापसी हो रही है, वहीं रेल किराया चुकाने को लेकर राजनीतिक दलों की बयानबाजी भी चरम पर है।

कांग्रेस से बागी हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 22 विधायक आज दिल्ली पहुंचे और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गए।

पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले मनोज तिवारी को भाजपा दिल्ली प्रदेश बनाने का दांव भी भाजपा के काम नहीं आ सका। चुनाव नतीजों से साफ है कि पूर्वांचल के मतदाताओं का समर्थन पाने में आप कामयाब रही और उसे इतनी भारी विजय हासिल हुई।

केजरीवाल ने गोकुलपुरी में रोड शो के दौरान कहा, भाजपा ने कहा था कि वह अपने 200 सांसद, 70 मंत्री और 11 मुख्यमंत्रियों को दिल्ली की जनता के सामने लाएगी। लेकिन दिल्ली की जनता ने उनका समर्थन नहीं किया। 

बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह का जन्मदिन था। कांग्रेस विधायक अदिति सिंह इस कार्यक्रम में शामिल हुईं थीं। कार्यक्रम के बाद उन्होंने रात 10 बजकर 04 मिनट पर एक-एक कर दो ट्वीट किए।

अकेले झारखंड में भाजपा की हार के जो छह-सात कारण हैं, वे सब आप टीवी पर सुन चुके हैं और अखबारों में पढ़ चुके हैं। उनके बारे में मुझे यहां कुछ नहीं कहना है। मैं तो इससे भी ज्यादा बुनियादी सवाल कर रहा हूं। सारे देश में भाजपा से हो रहे इस मोहभंग का कारण क्या है ? भारत की जनता नौटंकियों से तंग आ चुकी है।

भारतीय जनता पार्टी के नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने अखिलेश यादव पर करारे प्रहार किए हैं और उन्होंने कहा कि महिलाओं के इस प्रकार के मामलों पर किसी को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए बल्कि यह ऐसे प्रकरण है जिन को कैसे शांत कराया जाए इस पर काम करना चाहिए।

जयराम रमेश ने कहा कि हालांकि विचारधारा के मामले में शिवसेना और कांग्रेस दो विपरित धुव्र की पार्टियां थीं, लेकिन इस पार्टी के शुरुआती दौर में फलने-फूलने के लिए कई तरह से कांग्रेस के दो नेताओं की भूमिका थी।

वित्त मंत्री ने कहा कि 2009-14 में जहां 18950 करोड़ डॉलर का विदेशी निवेश हुआ था, वहीं 2014-19 के बीच यह बढ़कर के 28390 करोड़ डॉलर हो गया। विदेशी मुद्रा भंडार में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 30420 करोड़ डॉलर से बढ़कर के 41260 करोड़ डॉलर हो गया था।

महाराष्ट्र में प्रमुख राजनीतिक दल इस मोड़ पर सरकार बनाने के लिए एक दूसरे पर कटाक्ष कर रहे हैं, अब सभी की निगाहें 13 निर्दलीय और छोटे दलों के 16 विधायकों पर लग गई हैं। क्योंकि 288 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 145 की संख्या हासिल करने के लिए फ्लोर टेस्ट में इनकी भूमिका अहम है।