Bhartiy Kisan Union

भाकियू के मंड़ल प्रभारी कुलदीप पांडेय ने बताया कि लेखपाल किसानों  के प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर तीन तीन सौ रूपये का काम करते हैं, यानि का खून चूसने का काम करते हैं, जब इस बात का यूनियन ने विरोध किया तो लेखपालों ने किसानों पर हमला वोल दिया और उलटा किसान नेताओ के ऊपर मुकदमा दर्ज करा दिया।