Bhopal Gas tragedy

गैस हादसे के शिकार जिंदा लोगों में से अधिकतर लोग आज तक सांस की बीमारियों और कैंसर के चलते दम तोड़ रहे हैं। इस हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग अंधे भी हो गए थे।

भोपाल गैस त्रासदी के 36 साल बाद भी, सजा सुनाए जाने के बावजूद सभी अभियुक्त खुलेआम घूम रहे हैं। यह पांच लाख गैस पीड़ितों के साथ सबसे बड़ा मजाक है। ये गैस त्रासदी दो दिसंबर और तीन दिसंबर 1984 के दरम्यां भोपाल में हुई थी।

शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने भोपाल गैस त्रासदी की याद में कल यानी गुरूवार को भोपाल के सभी सरकारी कार्यालयों को बंद रखने का एलान किया है।

मध्य प्रदेश में बढ़ते कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले मरीजों में से पांच वो लोग है,जो करीब 36 साल पहले हुई भोपाल गैस त्रासदी की ही चपेट में आये थे, तब इनकी जान बच गयी थी। लेकिन इस महामारी ने इन पाँचों की जान ले ली।

फैक्टरी के आसपास की जमीन प्रदूषित हो गई थी जो आजतक प्रदूषित है| इस जमीन का प्रदूषण भूजल में भी पहुंच गया| आबादी बढ़ी तो लोग इस प्रदूषित जमीन पर भी रहने लग गए| सरकारी इंतजाम नाकाफी साबित हुए| आज भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर लोग इस हादसे की वजह से मारे जा रहे हैं|

आज से 35 साल पहले भोपाल में हुई गैस त्रासदी के पीड़ितों का दर्द कम होने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। आज उस घटना को घटे साढ़े तीन दशक से अधिक हो गया है। बहुत कुछ दल गया है। राज्य व केंद्र में कई सरकारें आई गई। लेकिन अगर कुछ नहीं बदला तो वहां के पीड़ितों की किस्मत। आज भी लोगों पर उस काली रात की स्याही के दाह नहीं मिटे है।

गैस पीड़ितों के हक की लड़ाई लड़ने में अपनी जिंदगी लगा देने वाले भोपाल गैस त्रासदी के एक्टिविस्ट अब्दुल जब्बार का 14 नवंबर गुरुवार रात करीब 10.15 बजे इंतकाल हो गया।

भोपाल: भोपाल गैस हादसे की 33वीं बरसी को आज (03 दिसंबर) सभी याद कर रहे हैं। रविवार सुबह कुछ लोगों ने कफन ओढ़कर राजभवन के सामने प्रदर्शन किया। बता दें, कि पूरे दिन राजधानी के विभिन्न हिस्सों में लोग अपना दर्द साझा करेंगे। बरकतउल्ला भवन में सर्वधर्म प्रार्थना सभा होगी। राजधानी में रविवार सुबह से …

[nextpage title=”next” ] लखनऊ: 2001 में गुजरात के गुल्बर्ग सोसायटी में हुए नरसंहार केस के फैसले का हमें इंतजार है। उसकी तस्वीरें आज भी दिल दहला देती हैं, लेकिन अगर इतिहास पर नजर डालें तो कई बार ऐसे खौफनाक मंजर सामने आए हैं, जिन्हें याद करते ही उसकी तस्वीरें आंखों के सामने घूमने लगती हैं। उन घटनाओं …