Bihar Legislative Assembly Elections 2020

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) पर जोरदार हमला बोला है। आरजेडी की पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के नौजवान याद करें कि बचपन में उनकी मां क्या कहा करती थीं।

सियासी जानकारों की मानें तो चुनाव में बागियों पर अंकुश लगाने के लिए बीजेपी पहले मुकम्मल तैयारी करती थी। पार्टी के आलानेता हस्तक्षेप कर बागियों को मनाने की कोशिश करते थे। लेकिन इस बार इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया।

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार रोसड़ा को जिला बनाने का मुद्दा काफी गरमाया हुआ है। हर दल के नेताओं की तरफ से रोसड़ा को जिला बनाने की बात कही जा रही हैं। इसी को देखते हुए कांग्रेस के प्रत्याशी ने अपने कुर्ते को फाड़ते हुए रोसड़ा को जिला बनाने की बात कही थी।

देश के अंदर बिहार की गिनती एक पिछड़े और बाढ़ वाले राज्य के तौर पर की जाती है। यहां के चुनाव में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था समेत दर्जनों मुद्दें छाए हुए हैं। चुनाव नजदीक आते ही बिहार के सभी दलों के नेता इन मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख रहे हैं और बड़े दावें भी कर रहे हैं। इस बार बिहार विधान सभा का चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है।

उन्होंने ये भी कहा कि गरीबों का ठेला और रिक्शा ही सहारा है। नामांकन करने के लिए इसी के सहारे हम निकले हैं। केंद्र सरकार ने देश के दलित, गरीब, शोषित पीड़ित सबकी रोजी-रोटी को छीनने का काम किया है।

बिहार के कैमूर के जदयू के जिलाध्य क्ष प्रमोद कुमार सिंह का भी टिकट इस बार काट दिया गया है। इस वजह से वह जहां भी जाते हैं वहीं पर फूट-फूट कर रोने लगते हैं।

उन्होंने ये भी कहा-बिहार में 4 लाख 50 हजार रिक्तियां पहले से ही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह विभाग सहित अन्य विभागों में राष्ट्रीय औसत के मानकों के हिसाब से बिहार में अभी 5 लाख 50 हजार नियुक्तियों की अत्यंत आवश्यकता है।

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव। एक दौर ऐसा भी था जब ये नाम दिल्ली से लेकर बिहार तक हर किसी की जुबान पर हुआ करता था। जब कहीं पर भी आरजेडी का जिक्र होता था तो बरबस ही लोगों की जुबान पर एक नाम आकर टिक जाता था और वो था लालू प्रसाद यादव।

कोरोना महामारी के बीच अक्तूबर- नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। देश का ये पहला चुनाव होगा जो कोरोना काल में ही सम्पन्न होगा। इस बार के चुनाव में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।