bird flu

जांच में पांचों सैंपल एच-5 एन-8 एविएन इनफ्लुएंजा वायरस यानी बर्ड फ्लू से ग्रसित पाए गए। सैंपल की ट्रेकियल स्वाब एवं क्लोकल स्वाब की रिपोर्ट भी पाॅजिटिव पायी गई है। इसको लेकर राज्य के सभी जिलों को हाई अलर्ट कर दिया गया है।

जांच के लिए भेजे गए 251 नमूनों में से 62 नमूनों में संक्रमण पाया गया है। पशुपालन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को 296 कौए, 34 कबूतर, 16 मोर और 97 अन्य पक्षियों की मौत हो गई। रिपोर्ट की मानें तो 25 दिसंबर से अब तक अकेले राजस्थान में 4,390 पक्षियों की मौत हो चुकी है।

नर्मदा निधि मुर्गी देखने में बिल्कुल कड़कनाथ जैसी लगती है। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय ने अखिल भारतीय समन्वित कुक्कुट प्रजनन अनुसंधान परियोजना के तहत ये द्विकाजी संकर नस्ल को विकसित किया है।

जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में जनपद में एवियन इन्फ्लुएन्जा (बर्ड फ्लू) से बचाव हेतु कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक की गयी। बैठक में कहा कि एवियन इन्फ्लुएन्जा (बर्ड फ्लू) की पुष्टि होती है तो टास्क फोर्स की तत्काल बैठक कि जाये तथा समस्त विभागों को उनके द्वारा किये जाने वाले कार्यो से अवगत कराया जायेगा। 

दिल्ली नगर निगम ने दुकानों और रेस्तराओं के पोल्ट्री या प्रसंस्कृत 'चिकन' बेचने तथा रखने पर आज बुधवार को तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

प्राणी उद्यान प्रशासन ने प्राणी उद्यान के अंदर मृत मिले कौवा और मिट्टी के साथ-साथ कुछ जगहों के पानी के नमूने जांच के लिए प्राणी उद्यान ने भोपाल रिसर्च सेंटर भेजा गया था

बर्ड फ्लू का वायरस श्वसन संबंधी समस्याएं उत्पन्न करता है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। H5N1 वायरस म्यूटेट करता है और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैल सकता है।

मुख्य चिकित्सा आधिकारी डॉ सतीशचन्द्र सिंह ने बताया कि पक्षियों के वायरस के खतरे से बचने के लिए व्यक्ति को इनके साथ सीधे संपर्क में नहीं आना चाहिए।

देश के 8 राज्यों में चिकन पर बैन लगा दिया गया है। इसका असर जितना कारोबार पर पड़ा उससे ज्यादा चिकन के तौर पर खाए जाने वाले ब्रायलर मुर्गे-मुर्गियों पर पड़ा।

एक तरफ राहत की वैक्सीन मिली और दूसरी तरफ बर्ड फ्लू ने तेजी से अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया। बीते हफ्ते से अब तक देश के 10 राज्यों में एवियन इन्फ्लुएंजा फैलने पुष्टि हो चुकी है। सबसे ज्यादा खतरा हो अब खड़ा हुआ है, कि बर्ड फ्लू का संक्रमण जंगलों तक भी अपने पैर पसार चुका है।