birds

हमारी पृथ्वी पर हर तरह के जीव-जंतु मौजूद है। कुछ को लोगों ने देखा है और बहुत तो ऐसे भी हैं जिन्हें शायद आज तक देखा भी न गया हो। हमारे आस-पास में घूमते हुए, अरबों जानवरों और पौधों के जीवन का घर है।

भारत में कई ऐसी रहस्यमयी जगहे हैं जिनके बारे में कम ही लोगों को पता है। ऐसी ही एक जगह देश के पूर्वोत्तर राज्य असम में है जिसका नाम जतिंगा घाटी है। यह घाटी आज भी पक्षियों के लिए पहेली है। यहां पर हर साल बड़े पैमाने पर पक्षी आकर आत्महत्या कर लेते हैं।

अमेरिका का आसमान कुछ खाली-खाली सा हो गया है। पेड़ों पर चिडिय़ों की चहचहाहट भी कम होती जा रही है। दरअसल, अमेरिका और कनाडा में पक्षियों की संख्या सन सत्तर के बाद से २९ फीसदी घट गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले ५० साल में ३ अरब पक्षी कम हो गए हैं। ‘साइंस’ …

आपने जंगलों में रहने वाले मोगली की कहानी तो सुनी ही होगी, लेकिन आज हम आपको मिलवाते हैं एक ऐसे रियल लाइफ के मोगली से जो जंगल में रह कर अपनी जान जोखिम में डालकर पक्षियों की जान बचाता है। पक्षियों की जान बचाने में उसे मजा आता है।

वाराणसी: मडुआडीह का महेशपुर इलाका कभी चिड़ियों की चहचहाहट से वंचित हो गया था। प्रदूषित पर्यावरण और गर्मियों में पानी की कमी से पक्षी गायब हो गए थे। लेकिन स्थानीय लोगों की मुहिम से ये इलाका एक बार फिर पंछियों से गुलजार हो गया है। टंग गईं टोकरियां -वाराणसी की एक संस्था ने पक्षियों को …

आगरा:  मई के महीने में पारा 45 के पार जाने से इंसान तो क्या पशु-पक्षी भी त्राहिमाम करने लगे हैं। पानी की एक बूंद को अपने अंदर उतारने के लिए पशु-पछियों को जबरदस्त मेहनत करनी पड़ रही है। पक्षियों की जद्दोजहद -एक बंद पड़े नल से टपकती हुई जल की बूंदों को पीने के लिए तोता …

 बहराइचः घर के अंदर प्रकाश की व्यवस्था के लिए जिस तरह मनुष्य परेशान रहता है उसी तरह एक चिड़िया ऐसी भी है जो अपने घर में उजियारा फैलाने के लिए चितिंत रहती है। हम आपका एक ऐसी चिड़िया से परिचय कराने जा रहे हैं, जो अपने घर में रोशनी के लिए न जाने कितने जतन …

लखनऊः एक आज के बच्‍चों का बचपन है, जरा सी चीजें पहचानने की उम्र में ही उन्‍हें गैजेट्स वगैरह थमा दिये जाते हैं। एक बचपन हमारे बडे बुजुर्गों का था, जरा सी समझदारी आने पर उन्‍हें सबसे पहले चिड़िया रानी से मिलवाया जाता था। क्‍या आपको याद आया कुछ? थोडा सा दिमाग पर और जोर …

अपने साथी को रिझाना, छेड़ना, चोंच लड़ाना, इस तरह की अठखेलियां इनकी दिनचर्या में शामिल है। इन्हें देखकर बस यही ख्याल आता है कि सच में प्यार को शब्दों की जरूरत नहीं है, इनके लिए प्यार तो प्यार है। इस दुनिया में जो लोग स्वार्थ में रिश्तों को निभाते है ।उन्हें इन बेजुबानों के निश्चल प्रेम से सीख लेनी चाहिए...

कानपुर: अगर आप पक्षियों में दिलचस्पी रखते हैं और उनके बारे में जानने के इच्छुक हैं, तो आपकी ये अधूरी तमन्ना जल्द पूरी होने वाली है। कानपुर के प्राणि उद्यान ने एक नई योजना तैयार की है, जिसमें तरह-तरह के पक्षियों की जानकारी एक अनोखी किताब के जरिए से पर्यटकों को दी जाएगी। आप जैसे ही प्राणी …