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गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ महाराज की प्रेरणा से योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश पर मैं डुमरियागंज विधानसभा में चुनाव लड़ने आया। सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

विधायक बावन सिंह का कहना है कि जनता की सेवा ही मेरी जिंदगी है। लोगों ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उनका विश्वास कभी टूटने नहीं दूंगा। क्षेत्र के विकास के लिए जो भी संभव होगा उसे पूरा करेंगे।

गरीब तबके के वनराजा, नट, कंकाली, धर कार जैसे समाज के छोटे तबके के लोगों को चिन्हित कर जिन्हें सर्वाधिक जरूरतमंद समझा उनके लिए अपने बरईपारा स्थित आवास पर अन्नपूर्णा राहत पैकेज का निर्माण करा कर लोगों को बांटने का काम कराया है।

दल - बदल की राजनीति पर विधायक ने बहुत शालीनता से जवाब देते हुए कहा, " अरे भईया, जब हम सत्ता से सालों दूर रहे तब दल बदलने का थोड़ा सा भी ख्याल नहीं आया तो अब क्या आएगा, इसी कमल के फूल में लिपटकर श्मशान घाट पहुंच जाएं यही हमारी हार्दिक इच्छा है क्योंकि बीजेपी हमारे लिए तो भगवान के समान है।"

विधायक जयमंगल कन्नौजिया का कहना है कि नेताओं का भी अपना परिवार होता है। हमारा भी व्यक्तिगत काम है। निजी जीवन है। परिवार के साथ होटल में भोजन की फोटो को गलत तरीके से वायरल करना निजता का उलंघन है। निजी जीवन में झांकना किसी के लिए ठीक नहीं है।

वेद प्रकाश गुप्ता का कहना है अयोध्या का विकास बड़े पैमाने पर हो रहा है जिसमें जिला मुख्यालय पर कोर्ट न्यायालय का निर्माण हो रहा है। ब्रांच सिविल लाइन का निर्माण हो रहा है। रामायण सर्किट थीम रामकथा गैलरी पर्यटन के क्षेत्र में तमाम काम जिले में चल रही है।

भाजपा को पहली आंतरिक लोकतंत्र वाली पार्टी बताते हुए प्रतीक भूषण ने कहा कि बीजेपी इकलौती पार्टी है, जिसमें अदने से कार्यकर्ता को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलता है। जबकि अन्य सभी पार्टियां परिवार वाद की पोषक हैं और वहां परिवार के खिलाफ आवाज उठाने वाले को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।

आपको बता दें सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव हसनपुर में 23 अगस्त को बच्चों में पब्जी गेम खेलने को लेकर कहासुनी हो गई थी। वही यह कहासुनी ब्राह्मणों और जाटों के बीच हुई थी। जिसकी सूचना पुलिस को भी दी गयी थी।

दलबदल पर मेरी राय इस प्रकार से है एक बार यह गलती हमने कर रखी है। मेरी गलती के अनुभव से बताता हूं अपना घर मत छोड़िए चाहे खंडहर ही क्यों ना हो कम से कम उसमें आजादी से बैठ सकते हैं। लेट सकते हैं। दूसरे के घर में जाकर बहुत कष्ट झेलने पड़ते हैं।

बीजेपी विधायक ने कहा कि गाजीपुर की समस्याओं को विधानसभा में मैं हमेशा उठाती रहती हूं। ताकि यहां के समस्याओं का निस्तारण किया जा सके एक सवाल के जवाब में संगीता बलवंत ने कहा कि जब तक जीवन है, तब तक कार्य खत्म नहीं होंगे।