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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अगले महीने अपने तीन साल पूरे कर लेगी। सरकार इस अवसर पर अपनी अभी तक की उपलब्धियों को लेकर एक पुस्तक लाने की तौयारी में है

बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती जल्द ही पीएम मोदी के ऊपर एक किताब लिखने वाली हैं। शुक्रवार को उमा भारती ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

अयोध्या मामले पर फैसला आए दो दिन हो गए है। अब सब इस तथ्य को जानना चाहते हैं कि आखिर इतना बड़ा फैसला कैसे लिया गया। क्या आधार रहा है राम मंदिर पर न्याय देने का। तो जहां तक मिली जानकारी के आधार पर कहा जा रहा है

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की पुस्तक ‘चरैवेति! चरैवेति!!’के असमिया संस्करण का लोकार्पण शनिवार को गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कला क्षेत्र प्रेक्षागृह में हुआ।

लीजा ने कहा, ‘‘इसमें सालों लग गए और यह प्रयास करना सही रहा। जब मैंने इस पुस्तक को लिखना शुरू किया, तो मुझे महसूस हुआ कि मेरी बीमारी मेरे बाकी जीवन से अलग-थलग नहीं है। जीवन और इसके अनुभव ने मुझे कई सबक सिखाए हैं, और आज, मेरे पास उन सभी चीजों को समझाने की क्षमता है, जिनमें गहरा अर्थ छुपा है और सच्चाई को तलाशने की एक कोशिश है।’’

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की संस्मरणात्मक पुस्तक 'चरैवेति! चरैवेति!!' के अरबी एवं फारसी संस्करण का लोकार्पण 22 फरवरी, 2019 को इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर, नई दिल्ली में किया जायेगा।

देश के जवान सीमाओं की रखवाली में दुरूह परिस्थितियों का सामना करते हैं। 'अन्टिल यू कम होम' पुस्तक प्रेम और देश भक्ति की भावनाओं को अपने अंदर समेटे उन्हीं सैनिकों और उनके परिवार पर गुजरने वाले भावनात्मक ज्वार की तस्वीर उकेरती है। पुस्तक में शहीद होने वाले और युद्ध के मोर्चे पर कठिन स्थितियों में फंसे दो नायकों की लव स्टोरी को आपस में पिरोया गया है। 

नई दिल्ली: अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ‘अनफिनिश्ड’ नाम से अपना संस्मरण लेकर आ रही हैं। प्रियंका का कहना है कि वह हमेसा से ही अपने जीवन पर किताब लिखना चाहती थी लेकिन जीवन में और उपलब्धियां हासिल करने का इंतजार कर रही थीं। यह भी पढ़ें: …जब वरुण धवन ने सुरक्षाकर्मी को इसलिए किया सलाम प्रियंका ने …

जयपुर: कम्प्यूटर गेम्स और गैजेट्स के इस दौर में बच्चों में किताबें पढ़ने की आदत ख़त्म हो रही है। इसका असर उनके व्यवहार, बात करने के ढंग और भाषा सीखने की क्षमता पर दिखाई देता है। ‌व्यक्तित्व विकास और अच्छे भविष्य के लिए बच्चों की किताबों से दोस्ती ज़रूरी है। यहां कुछ टिप्स दिए जा …

किताबें मिली नहीं तो बच्चे पढ़ेंगे कैसे? बच्चे पढ़ेंगे नहीं तो परीक्षा में अच्छा कैसे करेंगे? सत्र शुरू हुए कितने दिन गुजर गए, कब देंगे किताबें? यह सवाल बिहार सरकार के लिए नया नहीं है। पटना हाईकोर्ट हर साल किसी न किसी तारीख को बिहार सरकार से यह सवाल पूछ ही लेता है। सरकार हर …