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'काकोरी कांड' के लिए अशफाक उल्ला खान को आज के दिन फैजाबाद जेल में 19 दिसंबर 1927 में फांसी पर चढ़ा दिया गया था। अशफाक उल्ला के साथ इस कांड में राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को फांसी की सजा हो गई थी।

अंग्रेजों ने उन्‍हें हुमायूं के मकबरे से पकड़ा और भारत में कैद रखना मुनासिब न समझकर रंगून म्‍यांमार भेज दिया। जेल में कैद रहने के बावजूद इस शायर दिल बादशाह का मन अपनी मातृभूमि में ही लगा रहा है और आखिर तक उसकी एक ही तम्‍न्‍ना थी कि उसे मरते वक्‍त अपने देश की मिटटी नसीब हो।

महात्मा गांधी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने से पहले दक्षिण अफ्रीका में भी मानवाधिकारों के लिए काफी संघर्ष किया था। अंग्रेजों के चंगुल से भारत को आजाद कराने के लिए उनका संघर्ष बाद में पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गया।

देश के सपूतों के रक्त से सिंचित जलियांवाला बाग की दीवरों पर लगे गोलियों के निशान देखने वालों के मन में सिहरन सी पैदा करते हैं। ये दरकती हुई दीवारों के सीने में धंसी गोलियां सौ साल बाद भी ब्रिटिश हुक्मरानों की दमनकारी शासन की याद दिलाती हैं। 

कानपुर शहर से लगभग 56 किलोमीटर दूर घाटमपुर तहसील में आने वाले मोहम्मदपुर गांव का जिक्र इतिहास के पन्नों में दर्ज है । सन् 1900 में नहर विभाग की जमीन पर अंग्रेजों ने अपना बेस कैंप बनाया था । ये इलाका अंग्रेजों के घोड़ों के टापूओं  का अवाज के लिए भी जाना जाता था ।

बंगाल की बैरकपुर छावनी में 34वीं बंगाल नेटिव इंफेन्टरी के मंगल पांडे ने परेड ग्राउंड में दो अंग्रेज अफसरों पर हमला किया और फिर खुद को गोली मारकर घायल कर लिया।

लंदन : भारत में आजादी से बाद की महत्वपूर्ण घटनाओं में ऑपरेशन ब्लू स्टार को भी गिना जाता है। 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हुए इस ऑपरेशन के बाद देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या हो गई थी और फिर उसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क …