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केंद्र सरकार ने बुधवार को नौकरशाही को चुस्त-दुरूस्त करने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। ऊर्जा सचिव अजय कुमार भल्ला देश के नए गृह सचिव बनाए जा सकते हैं। केंद्र सरकार ने बुधवार को उन्हें हाई प्रोफाइल गृह मंत्रालय में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) नियुक्त किया।

सोनभद्र कत्लेआम से कई माह पूर्व अपना दल( एस) के दुद्धि विधायक हरिराम चेरो द्वारा कई माह पूर्व ही मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार व बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्राचार के माध्यम से समस्या के त्वरित निस्तारण करने के लिए आग्रह व निवेदन किया गया था किंतु नौकरशाही ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। यदि नौकरशाही चेत जाती तो सोनभद्र कत्लेआम से बच सकता था।

सोनभद्र के उम्भा गांव की कहानी सिर्फ जमीन पर कब्जे की नहीं है। यह कहानी प्रदेश भर में सरकारी जमीन को हथियाने का काम करने वाले तमाम गिरोहों के ‘सोनभद्र के कारनामे’ की कलई खोलती है।

नई दिल्ली: आईएएस एसोसिएशन की सचिव मनीषा सक्सेना ने मंगलवार (20 फरवरी) को कहा, कि ‘सोमवार को सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट और बदसलूकी’ की गई। उन्होंने इस घटना को ‘सुनियोजित आपराधिक साजिश’ करार दिया। सक्सेना ने कहा, ‘भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी इस घटना के विरोध …

नौकरशाही किस तरह सरकार और उसके पिछलग्गूओं के आगे नतमस्तक होती है इसका अंदाज़ा कांग्रेस उपाध्यक्ष के अमेठी दौरे और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष के होने वाले दौरे से लगाया जा सकता है।

फतेहपुर/रायबरेली: प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मंगलवार (04 जुलाई) को जिले के भिटौरा में गंगा नदी के दर्शन और पूजा-पाठ के लिए आए थे। यहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अफसरशाही पर हमला किया, कहा, कि ‘अफसरों की क्या मजाल कि वो सरकार की ना सुनें। वहीं, सूबे की लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था …

अखिलेश यादव सरकार को घेरने की मंशा को लेकर गठित रिवर फ्रंट आयोग की रिपोर्ट नौकरशाही के चलते सरकार की परेशानी का सबब बनती जा रही है।

कार्यक्रम में नगर विकास सचिव एसपी सिंह, नगर विकास सचिव के रूप में कम और सरकार के प्रवक्ता की तरह ज़्यादा नज़र आये। उन्होंने आधी अधूरी योजनाओं के उद्घाटन पर विपक्षियों का विरोध झेल रहे मुख्यमंत्री की तरफदारी करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार ने काम किया है।

सूत्रों की मानें तो केंद्र ने अखिलेश यादव को एक दो नहीं 15 पत्र लिखे। इन पत्रों का जवाब देना तो दूर अखिलेश सरकार ने यह भी नहीं कहा कि उसे कोई इस बाबत चिट्ठी मिली है। अखिलेश सरकार की इस उदासीनता से पहले साल में मिलने वाले 4 लाख घरों पर तलवार लटकती नज़र आ रही है।

अदालत ने मुख्य सचिव से पूछा कि सरकारी व निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के इलाज की क्या प्रक्रिया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान फिर सख्त टिप्पणी की कि सरकार में डेंगू पर नियंत्रण करने की इच्छाशक्ति की कमी है और जनता का स्वास्थ्य दांव पर है।